मथुरा। मिट्टी की सेहत सुधारने को किसानों को बायो फर्टिलाइजर के पैकेट बांटे जाने की योजना प्रदेश सरकार ने बंद कर दी है। गत वित्तीय वर्ष से न तो जैव उर्वरक के उत्पादन का लक्ष्य मिला और न ही किसानों को पैकेट दिए जा रहे हैं।
लगातार रासायनिक खाद का प्रयोग करने और लगातार फसल लेते रहने से मिट्टी में सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी हो रही है। इसे पूरा करने के लिए मिट्टी का सप्लीमेंट कहे जाने वाले जिंदा सूक्ष्म जीवाणुओं के पैकेट किसानों को प्रदेश सरकार की ओर से बीज व खाद गोदामों से बांटे जाते थे। इससे मिट्टी की सेहत सही बनी रहती है और उर्वरा शक्ति बढ़ जाती थी, लेकिन इस साल न तो कृषि विभाग को जैव उर्वरक उत्पादन का लक्ष्य दिया गया और न ही किसानों को बायो फर्टिलाइजर के पैकेट बांटे जा रहे हैं। इससे मिट्टी की सेहत लगातार खराब हो रही है।
‘मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ाने के लिए जैव उर्वरक उत्पादन व बायो फर्टिलाइजर पैकेट बांटने का कोई लक्ष्य नहीं दिया गया। इससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति का हस होने से रोकने के इंतजाम नहीं हो पा रहे’
-उमाशंकर शाक्य उपकृषि निदेशक शोध