अलीगंज। एटा के मोहल्ला मेवातियान में गुरुवार देर रात अज्ञात कारणों से एक धार्मिक स्थल आग लगने से हड़कंप मच गया। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। कासगंज में हुई हिंसा के बाद खराब हुए माहौल के कारण आननफानन में पुलिस प्रशासन के आला अफसर मौके पर पहुंच गए। धार्मिक स्थल में आग लगने से आक्रोशित लोगों को अधिकारियों ने शांत कराया। मुस्लिम समाज के लोगों का आरोप है कि बुलेरो सवार लोगों ने आग लर्गाई थी।
मोहल्ला मेवातियान स्थिति धार्मिक स्थल में गुरुवार को इबादत करने के लिए हिंदू-मुस्लिम समाज के लोग जाते है, वहां मोमबत्ती तथा अगरबत्ती लगाकर अपनी हाजिरी लगाते है। गुरुवार रात करीब 11 बजे अचानक इमामबाड़े में आग लग गई जिससे इमामबाड़ा पूरी तरह जलकर राख हो गया। एक लाख रुपये से अधिक लागत से बना दरवाजा तथा अंदर रखा ताजिये का सामान भी पूरी तरह जल गया।
आग की लपटों को देखकर मोहल्ले वाले बुझाने के लिए दौडे़। आग की सूचना मिलते ही नगर के मुस्लिम समाज के लोग मौके पर पहुंच गए और लोगोेें में आक्रोश पनपने लगा। कासगंज में हुए दंगेे को देखते हुए पुलिस प्रशासन के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट महेंद्र सिंह तंवर तथा सीओ अजय भदौरिया के साथ पांचों थाने की पुलिस पहुंच र्गई।
समाज के एक धडे का कहना था कि ये धार्मिक स्थल आग में लगायी गई है क्योंकि 10 बजे के बाद मोमबत्ती तथा अगरबत्ती नहीं जल रही थीं। कुछ लोगों का कहना था कि बुलेरो पर सवार अज्ञात लोगों ने इमामबाड़े में आग लगाई है। हालांकि अधिकतर समाज के लोगों का कहना था कि मोमबत्ती या अगरबत्ती से आग लगी है। किसी द्वारा कोई आग नहीं लगाई गयी है, बहरहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस घटना के बाद सुरक्षा की दृष्टि से नगर के सभी धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता कर दी गयी है।
वर्जन
-धार्मिक स्थल की आग लगने की सूचना पर हम लोग मौके पर पहुंचे थे। जहां गुरुवार को लोग अगरबत्ती और मोमबत्ती जलाते हैं, उससे ही आग लगने की बात सामने आई है। शांति समिति की बैठक हो गई है। सब कुछ सामान्य है। निगरानी के तौर पर थाना पुलिस धार्मिक स्थलों की देखरेख कर रही है।
संजय कुमार, एएसपी