शहर में दंगे की आग के बीच आए आम बजट के प्रावधानों को जानने की ओर किसी का ध्यान नहीं गया। लोगों का पूरा ध्यान अभी भी चैनलों पर शहर के संबंध में आ रहे समाचारों की ओर है। धारा 144 का खौफ भी बाजारों में देखा गया। किसी भी दुकान पर टीवी सेट तक नहीं चल रहे।
आम बजट में क्या मिला क्या नहीं मिला इस बात के लिए आम लोगों के बीच उत्सुकता रहती है। बाजार हो या घर सभ्ीा जगह बजट को पूरे ध्यान से देखा जाता रहा है। लेकिन इस बार दंगे की आग के चलते शहर में ऐसा कुछ भी नजर नहीं आया।लोग आम बजट व रेल बजट को भूल गए। किसी की भी दिलचस्पी बजट का लाइव देखने की ओर नहीं रही। लोगों का पूरा ध्यान इस बात पर लगा रहा कि किस चैनल पर शहर के संबंध में क्या समाचार दिखाया जा रहा है। बाजार में धारा 144 का खौफ दिखा। बाजार में टीवी सेट बिक्रेता बजट के दिन अपने सेट खोल लेते थे, ताकि वे स्वयं बजट को देख सकें और राहगीर भी देख सकें। इसके अलावा होटल, मिष्ठान विक्रेता आदि की दुकानो ंपर भी टीवी सेट लगे हुए है, लेकिन किसी ने भी इनको नहीं चलाया ताकि भीड़ एकत्रित होने पर वे धारा 144 के उल्लंधन मे ंन फंस जाएं।