आगरा। करोड़ों रुपये के घोटाले में फंसे नोएडा अथॉरिटी के पूर्व मुख्य अभियंता यादव सिंह की पत्नी कुसुमलता के नाम आगरा में एक भी संपत्ति नहीं है। सहायक महानिरीक्षक निबंधन निरंजन कुमार ने इसकी जांच रिपोर्ट प्रशासन को भेज दी है।
पिछले दिनों भारत सरकार के प्रवर्तन निदेशालय के सहायक निदेशक त्रिगुण बिसेन ने यादव सिंह की पत्नी की संपत्तियों के बारे में जानकारी मांगी थी। एआईजी ने चार संपत्तियों की उपनिबंधक तृतीय से जांच कराई।
निदेशालय ने मकान नंबर 39/53 नंदपुरा, देवरी रोड, अमिति नगर स्थित प्लाट नंबर चार 146 वर्गगज यानी 122.07 वर्गमीटर, 163 वर्गगज प्लॉट और एक अन्य 167.22 वर्ग मीटर जमीन के संबंध में जानकारी मांगी थी।
उपनिबंधक तृतीय ने इसकी जांच कर पाया कि इनमें से एक भी प्रॉपर्टी यादव सिंह की पत्नी कुसुमलता के नाम नहीं है। इनकी कीमत का जरूरत आकलन किया गया है। नवंबर 2017 के सर्किल रेट के अनुसार चार में से तीन प्रॉपर्टी की कीमत 24.68 लाख रुपये आंकी गई है।
इनमें से नंदपुरा स्थित मकान के क्षेत्रफल का उल्लेख न होने के कारण इसका मूल्यांकन नहीं हो पाया। निबंधन विभाग की रिपोर्ट के हिसाब से करोड़ों रुपये की हेराफेरी करने वाले यादव सिंह ने अपनी पत्नी के नाम पर आगरा में एक भी रुपये का इनवेस्टमेंट नहीं किया था।
एडीएम सिटी को भेजी गई रिपोर्ट को प्रवर्तन निदेशालय भेजा जा रहा है। आगरा में यादव सिंह के काफी करीबी और रिश्तेदार हैं। सूत्रों के अनुसार, गुपचुप तरीके से इनकी भी जांच कराई जा रही है।