मैनपुरी। एआरटीओ कार्यालय में बुधवार को भीड़ देख कार्यालय के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया गया। इससे लोगों का आवागमन बंद हो गया। गुस्साए लोगों ने जमकर हंगामा किया। मामला बढ़ता देख अफसरों ने ताला खुलवाया, तब जाकर हालात सामान्य हुए।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय में बुधवार सुबह से ही भीड़ आनी शुरू हो गई थी। किसी को लर्निंग लाइसेंस बनवाना था तो कोई अपने वाहन के स्थानांतरण के लिए आया था। अपराह्न करीब दो बजे जब कार्यालयों के पटलों पर भीड़ बढ़ी तो एआरटीओ राजेश कर्दम ने मुख्य द्वार पर ताला लगाने के आदेश दे दिए।
ताला लगते ही लोग फंस गए, जो अंदर था वो अंदर, जो बाहर था वह बाहर। लोगों ने इसकी शिकायत भी की, लेकिन ताला नहीं खोला गया। अचानक ताला लगाए जाने से गुस्साए लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। देर तक बहस और नोकझोंक होने पर करीब आधे घंटे बाद ताला खोला गया, तभी लोग बाहर निकल सके।
एआरटीओ कार्यालय परिसर में कई अन्य महत्वपूर्ण विभागों के कार्यलय भी हैं। मुख्य द्वार पर ताला लगने से इन कार्यालयों में जाने वाले लोगों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। वे भी जहां के तहां फंसे रह गए।
एआरटीओ कार्यालय आए लोगों का कहना है कि कार्यालय में उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कोई भी कार्य कराने के लिए सुविधा शुल्क लिया जाता है। जो लोग रुपये नहीं दे पाते, उन्हें विभागों के चक्कर लागने को मजबूर किया जाता है।
लोगों का कहना है कि कार्य कराने के लिए अधिकारियों के पास हस्ताक्षर कराने जाओ। तो अधिकारी सीधे मुंह बात नहीं करते हैं। वहीं फाइल पर हस्ताक्षर करना तो दूर अभद्रता कर फाइल को फेंक देते हैं।
एआरटीओ राजेश कर्दम ने बताया कि कार्यालय में काफी भीड़ हो जाती है। इसके कारण अपना काम करने में दिक्कत आती है। कार्य प्रभावित न हो, इसलिए ताला डाला गया था। लोगों के हंगामे जैसी कोई बात नहीं है।