मैनपुरी। यूपी बोर्ड परीक्षा में अब कक्ष निरीक्षकों की मनमानी नहीं चल सकेगी। बिना आधार कार्ड के किसी भी शिक्षक को कक्ष निरीक्षक या परीक्षा की अन्य टीमों में शामिल नहीं किया जाएगा।
माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा बोर्ड परीक्षा को नकल विहीन कराए जाने की तैयारियां जोरों पर शुरू कर दी गई हैं। परीक्षा के दौरान कक्षा कक्ष में ड्यूटी देने वाले कक्ष निरीक्षकों पर बोर्ड की पहली नजर है। बोर्ड ने निर्णय लिया है कि परीक्षा के दौरान केंद्र पर रहने वाले सभी शिक्षकों को अपना आधार कार्ड डीआईओएस के माध्यम से बोर्ड को उपलब्ध कराना होगा।
जिससे कि परीक्षा के दौरान शिक्षकों की पहचान की जा सके कि जो शिक्षक को कार्ड जारी हुआ वह वही है या नहीं। सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद ने इस संबंध में डीआईओएस को निर्देश जारी किए हैं कि वे जनपद के सभी कालेजों के शिक्षकों के आधार नंबर प्राप्त कर उनको उपलब्ध कराएं। ऐसा इस लिए किया जा रहा है कि परिषद द्वारा अपने स्तर से ही कक्ष निरीक्षकों की तैनाती की जानी है।
केवल कक्ष निरीक्षकों पर ही आधार लागू नहीं किया गया है। बल्कि केंद्र व्यवस्थापक व सचलदल में शामिल सदस्यों के साथ ही केंद्र पर तैनात कर्मचारियों को भी अपना आधार अपने पास रखना होगा।
पूर्व में बोर्ड परीक्षा के दौरान यह जानकारी मिली कि जब गणित या विज्ञान विषय की परीक्षा होती थी तो संबंधित विषय के अध्यापक अपना फोटो अन्य विषय के शिक्षक के कार्ड पर चस्पा करके ड्यूटी दे लेते थे। लेकिन अब आधार का भी मिलान किया जाएगा। ऐसे में शिक्षक परीक्षा के दौरान अपना फोटो किसी दूसरे के कार्ड पर नहीं लगा पाएंगे।
डीआईओएस जीएस राजपूत ने बताया कि सभी प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए गए हैं कि वे एक सप्ताह के अंदर अपने कालेज के सभी शिक्षकों के आधार कार्ड निर्धारित प्रपत्र पर सूची तैयार कर उपलब्ध कराएं। आधार नंबर के साथ आधार कार्ड की फोटो कापी भी उपलब्ध करानी होगी।