मैनपुरी। सहालग के मौसम में 10 रुपये के नोट की कमी लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी है। बैंक से लेकर बाजार तक इन नोटों की किल्लत है। वहीं सिक्कों की भरमार है, लेकिन दुकानदार इन सिक्कों को लेने से इंकार कर रहे हैं।
नोटबंदी के बाद से छोटे नोटों की किल्लत बनी हुई है। सहालग के दिनों में तो इसकी समस्या और गहरा जाती है। इन दिनों 10 के नोट की कमी से लोग परेशान हैं।
वंशीगौरा निवासी किशन लाल ने बताया कि उनके घर में इसी महीने लड़की की शादी है। 21 नवंबर को टीका लगन की रस्म अदा होनी है। पर, 10 रुपये के नोट नहीं मिलने के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि शादी में कई जरूरी कार्यों के लिए 10 के नोटों की जरूरत पड़ती है। 10 रुपये के नोट न मिलने के कारण काफी परेशानी हो रही है।
उनका कहना है कि दुकानदार भी सिक्के नहीं ले रहे हैं। इतना ही नहीं न्योछावर के दौरान नाई समाज के लोग भी इन सिक्कों को लेने से मना कर रहे हैं। वहीं बबिता यादव का कहना है कि उनके घर में शादी है। 10 रुपये के सिक्के न चलने के कारण दिक्कतें हो रही हैं। नहीं पंडित जी भी सिक्के लेने से मना कर दिया।
दुकान से खरीददारी करनी हो या विवाह में भेंट बांटनी हों। सब जगह 10 रुपये की जरूरत पड़ती है, लेकिन इसकी इन दिनों किल्लत बनी हुई है।
उधर, बैंक और एटीएम से भी छोटे नोट लोगों को नहीं मिल पा रहे हैं। एटीएम से तो 10, 20 और 50 के नोट निकलते ही नहीं है। वहीं बैंक से भी लोगों को छोटे नोट नहीं दिए जा रहे हैं। मांगने पर बैंक द्वारा लोगों को 10 और 5 के सिक्के की थैली पकड़ा दी जा रही है। जिसे लेकर लोग परेशान हैं।
इधर, दुकानदार से लेकर आमजन तक 10 के सिक्कों को लेने से बच रहे हैं। लोगों का कहना है कि 10 के सिक्के लेने से दुकानदारों द्वारा इंकार को लेकर कई बार झड़प भी हो चुकी हैं। इसकी शिकायतें तक एसडीएम व अन्य अधिकारियों से की गई, लेकिन समस्या का सही समाधान नहीं हो सका है।
नोटबंदी के बाद इस साल 200 और 50 रुपये के नए नोट निकाले गए। पर, इन दोनों नोट के दर्शन आम लोगों के लिए दुर्लभ ही हैं। गिने-चुने लोगों के पास ही 200 और 50 के एक-दो नए नोट होंगे। वे भी इसे खर्च करने के बजाय लोगों को दिखाने के लिए ही रखे हैं।
वहीं एटीएम से तो 200 रुपये के नए नोट अभी तक निकले ही नहीं है। बैंक से भी ज्यादातर दो हजार, 500 और 100 के नोट ही लोगों को थमाए जा रहे हैं। छोटे नोट नहीं मिलने के कारण लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। इसका लोगों में रोष भी है।
एलडीएम डीके अग्रवाल कहते हैं कि 10 रुपये के सिक्कों का प्रचलन बाजार में प्रतिबंधित नहीं हैं। यही नहीं आरबीआई की ओर से भी कोई दिशा-निर्देश नहीं आए हैं। इसके बावजूद भी कोई दुकानदार या व्यक्ति सिक्कों को लेने से मना करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।