मथुरा। गुरुवार की तड़के पांच बजे आगरा-दिल्ली हाईवे पर छाता में हुए एक भीषण हादसे में दो भाइयों समेत छह की मौत हो गई। मरने वालों में चार बच्चे भी हैं। सभी फर्रुखाबाद के गांव नवादा के रहने वाले हैं और टेंपो से दिल्ली जा रहे थे। छाता में पेप्सी फैक्ट्री के सामने सड़क किनारे खड़े ट्रक में टेंपो घुस गया था। हादसे की वजह चालक को नींद की झपकी आ जाना बताया जा रहा है।
फर्रुखाबाद जिले के पहाड़पुर थाना क्षेत्र के गांव नवादा निवासी लालाराम के बेटे सोबरन, सतीश चंद्र और वीरभान सिंह दिल्ली में मजदूरी करते हैं और वहीं परिवार के साथ रहते हैं। सोबरन टेंपो चलाता है जबकि दोनों भाई फैक्ट्री में काम करते हैं। दिवाली पर यह तीनों भाई अपने परिवार को लेकर गांव नवादा आए थे। क्योंकि 31 अक्तूबर को इनकी भांजी की शादी थी लिहाजा शादी में शामिल होने के बाद एक नवंबर की रात को करीब नौ बजे वापस दिल्ली जाने को निकले थे। सभी सोबरन के टेंपो में सवार थे। टेंपो को सोवरन ही चला रहा था। पुरुष, महिलाएं और बच्चों को मिलाकर 14 लोग टेंपो में बैठे थे।
करीब 200 किलोमीटर का सफर तय करने के बाद गुरुवार की तड़के करीब पांच बजे टेंपो आगरा-दिल्ली हाईवे पर छाता में पेप्सी फैक्ट्री के पास (अजीजपुर गांव के करीब) सड़क किनारे खड़े ट्रक में पीछे से घुस गया। इस हादसे में सोबरन (40) और उसकी बेटी झानवी (8) और मुस्कान (6) की मौत हो गई। वहीं सोबरन का भाई सतीश चंद्र (35) और उसके बेटे दीपक (9) की भी मौत हो गई। इस हादसे में वीरभान गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि उसके बेटे निखिल (12) की मौत हो गई। दो महिलाओं समेत आठ घायल हो गए। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। माना जा रहा है कि टेंपो चालक सोबरन को नींद की झपकी आ जाने के कारण टेंपो ट्रक से टकरा गया।