बेटी की गवाही पर पिता को आजीवन कारावास
फिरोजाबाद। फास्टट्रैक कोर्ट ने बेटी की गवाही पर पिता सहित उसके दो साथियों को पत्नी और मां की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाते हुए उसकी आधी धनराशि दोनों बेटियों के खाते में जमा कराने का आदेश दिया है। जुर्माना नहीं देने पर तीनों को दो-दो वर्ष के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
थाना नारखी के गांव पहाड़ीपुर में 20 नवंबर 2011 को राजवती देवी (58) पत्नी राजवीर एवं मालती देवी (28) पत्नी दिग्विजय सिंह की गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। घर में मौजूद सात वर्षीय बेटी खुशी एवं ज्योति (चार) ने पूरे घटनाक्रम को देखा था।
वारदात के वक्त दोनों कमरे के अंदर छिप गई थीं। इस मामले में राजवीर सिंह ने रामू सहित अन्य के खिलाफ हत्या का अभियोग दर्ज कराया था। पुलिस ने मामले की जांच करनी शुरू की हकीकत सामने आती गई। मामला अपर जिला जज फास्टट्रैक कोर्ट प्रथम जय सिंह पुंडीर के न्यायालय में पहुंचा।
इस मामले में गवाहों के साथ सभी पक्षों को सुना गया। खुशी ने भी अदालत में गवाही दी। वादी की ओर से पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रघुराज सिंह यादव ने की। उन्होंने वादी के पक्ष को रखा। न्यायाधीश ने इस मामले में मृतका मालती देवी के पति दिग्विजय सिंह पुत्र राजवीर सिंह निवासी पहाड़ीपुर नारखी, रामअवतार पुत्र महीपाल सिंह एवं कांशीराम नगर थाना सोरों के गांव पचौरा जंगल कूंमरपुर निवासी रामू उर्फ सुरेंद्र पुत्र महेंद्र सिंह को दोषी मानते हुए तीनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
तीनों पर 50-50 हजार का अर्थदंड लगाते हुए जमा कराने के आदेश दिए। उन्होंने कहा आधी धनराशि को खुशी और ज्योति को दी जाए। धनराशि जमा नहीं कराने पर दोनों को दो-दो वर्ष अतिरिक्त कारावास की सजा भोगनी होगी।