कासगंज। राजकीय विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए सेवानिवृत्त शिक्षकों ने आवेदन करने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। सात पदों के लिए महज छह आवेदन आए। इनमें से दो निरस्त हो गए। शेष शिक्षकों का साक्षात्कार किया गया।
अभियान के तहत जनपद में वर्ष 2009-10 में भिटौना एवं बहोरा के परिषदीय जूनियर हाईस्कूल को उच्चीकृत किया गया है। इन विद्यालयों में हाईस्कूल तक शिक्षा व्यवस्था की गई। बहोरा के उच्चीकृत विद्यालय में हिंदी, अंगेेजी, सामाजिक विज्ञान के शिक्षकों के पद रिक्त हैं। इसी प्रकार वर्ष 2015-16 में सोरों के नमैनी एवं अमांपुर के नगला याद करन के परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों को उच्चीकृत कर हाईस्कूल तक शिक्षा की व्यवस्था की गई है। नमैनी में हिंदी, अंग्रेजी एवं नगला यादकरन के विद्यालय में हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान के शिक्षक नहीं है। इसी प्रकार पटियाली के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज भी शिक्षकों की कमी है। विषय शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए सेवानिवृत्त शिक्षकों को मानदेय पर रखकर नियुक्ति देने का निर्णय लिया गया है। सात पदों के लिए सेवानिवृत्त शिक्षकों से आवेदन मांगे गए थे। पदों के लिए आधा दर्जन शिक्षकों ने आवेदन किए। इनमें से एक शिक्षक ने संगीत की बिना पद के आवेदन कर दिया। इस कारण उनका आवेदन निरस्त कर दिया गया। मंगलवार को चार शिक्षकों का साक्षात्कार सीडीओ श्रीनिवास मिश्र की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा किया गया। इस दौरान जिला विद्यालय निरीक्षक आरएस सिंह राजपूत, अर्चना सक्सेना, अंजू तोमर, विज्ञान क्लब जिला समन्वयक जयंत गुप्ता, नवाब सिंह, कनिष्ठ लिपिक रज्जन लाल उपस्थित रहे।