सोरों (कासगंज)।
पौराणिक सूकर क्षेत्र सोरों को तीर्थस्थल का दर्जा न मिलने से तीर्थनगरी के बाशिंदों में मायूसी है। लोग राजनीतिक सौतेलेपन को इसके लिए जिम्मेदार मानते हैं। अब प्रदेश की सत्ता का संचालन मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी कर रहे हैं। इसे देखते हुए सूकर क्षेत्र के लोगों ने मुख्यमंत्री योगी से सोरों को तीर्थस्थल घोषित करने की मांग की है।
बाशिंदों ने भरोसा जताया कि अमर उजाला के इस अभियान से क्षेत्र की मांग को बल मिलेगा और दिल्ली और लखनऊ की सरकार तक उनकी पीर पहुंचेगी। अमर उजाला अभियान ने कदम और आगे बढ़ाते हुए शुक्रवार को तीर्थनगरी के प्राचीन द्वारिकाधीश मंदिर पर तीर्थस्थल की मांग को लेकर तीर्थ पुरोहितों की चौपाल कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें अच्छी संख्या में तीर्थपुरोहित और बाशिंदे पहुंचे। लोगों ने इस चौपाल में तीर्थनगरी की बदहाल व्यवस्थाओं पर जमकर प्रहार किए।
तीर्थपुरोहितों का कहना था कि भगवान वराह ने मलिनता का विनाश करने के लिए सूकर क्षेत्र की धरती पर अवतार लिया। तीर्थ पुरोहितों का कहना था कि इस तीर्थ का विकास प्रदेश की सरकार को करना चाहिए। लोगों ने सवाल खड़े किए कि आखिर कब इस पवित्र तीर्थ को तीर्थस्थल का दर्जा मिलेगा और तीर्थ पर्यटनों के लिए बिजली, पानी, सड़क, चिकित्सा सहित अन्य बुनियादी सुविधाएं मिल पाएंगी ? संत महापुरूषों ने प्राचीन काल से यहां आकर जप तप साधना की। इसका पूरा इतिहास यहां मिलता है, लेकिन सरकार को यहां का पौराणिक महत्व को नजर अंदाज कर रही है। तीर्थ पुरोहितों ने कहा कि इस पवित्र स्थान को लेकर राजनीतिक उपेक्षा बंद हो। चौपाल में तीर्थ पुरोहित सुरेश बडग़ैंया, रामेश्वर दयाल महेरे, अशोक कुमार , मुनींद्र कुमार चौधरी, सतीश चौधरी, कृष्ण बल्लभ, रामकिशन तिवारी, अंबरीश तिवारी, गुरूदत्त निर्भय, संजय दुबे, सुरेश चौधरी, इंद्रजीत दुबे, गणेश बरबारिया, अनुराग दीक्षित, मोहनलाल भारद्वाज, दिलीप दीक्षित, नंद किशोर तिवारी, पप्पू सदावरती सहित अन्य लोग मौजूद रहे। संचालन डा. राधाकृष्ण दीक्षित एवं पंकज पाराशर ने किया।