मथुरा। यमुना नदी में पत्थर तैर रहे हैं, बात तो यह अविश्वसनीय है, लेकिन सोमवार की सुबह यमुना किनारे टहलने वालों ने यह घटना न केवल अपनी आंखों से देखी बल्कि पत्थर का वजन भी करा लिया। 28 किलो का यह पत्थर पानी से भरे ड्रम में भी तैर रहा था। देर सायं तक इस घटना को देखने के लिए तांता लगा रहा।
मुर्शदपुर निवासी सुरेश सैनी और जीतू सैनी ने बताया कि वह प्रतिदिन यमुना के किनारे टहलने जाते हैं। सुबह जब वह टहल रहे थे तो यमुना नदी में चार- पांच पत्थर जैसी वस्तु तैरते हुए दिखी। नदी में उतरे कर देखा तो वह पत्थर थे। चार-पांच लोगों को बुलाया। एक पत्थर को यमुना से निकाल कर सैनी धर्मशाला लाया गया।
लोगों को विश्वास नहीं हुआ कि पत्थर पानी में तैर सकते हैं। इस पर ड्रम में पानी भरवाया गया। उसमें पत्थर डाला गया तो वह तैरने लगा। स्थानीय निवासी हरि, रामू, रमेश, अर्जुन, तिलक का कहना था कि यह ईश्वर का चमत्कार है। लोगों की इच्छा है कि इसे शिवलिंग के रूप में प्रतिष्ठित किया जाए। वहंी वैज्ञानिक दृष्टिकोण के लोग इसे चमत्कार मानने की बजाय सामान्य घटना मान रहे हैं।
सिंचाई विभाग में जूनियर इंजीनियर के पद पर तैनात निकुंज कुमार ने कहा कि ये बात अचरज भरी है। ऐसा हमने कहीं नहीं सुना है। पत्थर का वजन 28.5 किलो है और वो फिर भी पानी में तैर रहा है ये शोध का विषय हो सकता है।
बीएसए कॉलेज में विज्ञान के प्रोफेसर डा.प्रवीन कुमार अग्रवाल ने कहा कि ये सामान्य बात है जब पत्थर का घनत्व पानी के घनत्व से कम होता है तो पत्थर पानी में तैरता नजर आयेगा। ऐसा कई बार हो जाता है।