मैनपुरी। सब्जियों का राजा कहा जाने वाला आलू इस बार किसानों को रुला रहा है। बाजार में कीमत सही नहीं मिलने की वजह से अभी आधे से ज्यादा आलू कोल्ड स्टोरेज में ही रखा हुआ है। मंडी में भी आलू की आवक कम है। खुले बाजार में भी आलू का भाव कम ही चल रहा है। जिसे लेकर किसान परेशान हो रहे हैं।
सब्जी के राजा कहे जाने वाले आलू की लगातार गिरती कीमतों ने किसानों के चेहरे का रंग उड़ा दिया है। एक सप्ताह में ही आलू का भाव आधे से भी अधिक गिर गया है। आलू के गिर रहे भाव से किसान परेशान हो गया है। जिले में इस बार आलू की बंपर पैदावार हुई है।
कृषि विभाग के अनुसार लगभग 20 हजार हेक्टेयर में पांच लाख टन के लगभग जिले में आलू की पैदावार किसानों ने की है। जिले के 35 कोल्ड स्टोरों में आलू का भंडारण किया गया है। फुटकर बाजार में जहां आलू 10 रुपया प्रति किलो के भाव से बिक रहा है। जबकि मंडी में 400 से 600 रुपया प्रति क्विंटल के भाव से आलू बेचा जा रहा है। आलू के भाव में तेजी से आई गिरावट से किसान परेशान हो रहा है। किसान खुले बाजार में सस्ते दामों पर आलू बेचने को मजबूर है।
नगला देवी निवासी भीमसेन का कहना है उनके 15 बीघा खेत में इस बार आलू की बहुत अच्छी पैदावार हुई है। खुले बाजार में आलू बेचना मजबूरी है। राजपुर निवासी राजेंद्र सिंह का कहना है जब सभी उत्पाद की कीमत कंपनी मालिक तय करते हैं तो किसान को भी अपनी पैदावार की कीमत तय करने का अधिकार मिलना ही चाहिए। गणेशपुर निवासी ग्रीशचंद्र का कहना है फुटकर बाजार में आलू 10 रुपये किलो के भाव से बिक रहा है। अंजनी निवासी राजेंद्र कुमार का कहना है आलू की बंपर पैदावार से ही आलू के भाव तेजी से गिरे हैं। अन्नदाता कहे जाने वाला किसान लगभग हर फसल में किसी न किसी तरह से छला ही जाता है।
जिला उद्यान अधिकारी सुरेश कुमार का कहना है कि आलू की इस बार अच्छी पैदावार हुई है। प्रदेश में आलू का भाव बहुत कम है। अन्य प्रदेशों में आलू का भाव अच्छा मिल रहा है। केरल में 1715, कर्नाटक में 1174, मणिपुर में 1464, मेघालय में 1200, मिजोरम में 5750, आंध्रप्रदेश में 1000, त्रिपुरा में 1275 रुपया प्रति क्विंटल का भाव चल रहा है। आलू उत्पादक किसान इन प्रदेशों में अपना आलू खपा सकते हैं।