फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

करें कारोबार, प्रोविजनल आईडी ही जीएसटिन

विज्ञापन
gst - फोटो : Demo Pic
विज्ञापन
मथुरा। जीएसटी विभाग (पूर्व में वाणिज्य कर विभाग) द्वारा उपलब्ध कराई गई प्रोविजनल आईडी ही अब व्यापारियों के लिए जीएसटिन है।
विज्ञापन



डिप्टी कमिश्नर जीएसटी शशिधर शाही ने बताया जिन व्यापारियों को विभाग ने प्रोविजनल आईडी जारी की है वह आईडी ही व्यापारी का जीएसटिन है। जिनको प्रोविजनल आईडी भी प्राप्त नहीं हुई है, वो अपनी टिन नंबर वाली पुरानी बिल बुक से भी बिल जारी कर सकते हैं। इस बिल पर जीएसटिन अप्राप्त की मुहर लगानी होगी। जीएसटिन आने के बाद एक जुलाई से जारी हुए सभी बिलों के डुप्लीकेट बिल जारी करने होंगे। शासन ने भी जीएसटी की साइट पर डाटा अपलोड करने के लिये तीन माह का वक्त और दे दिया है।



जीएसटिन में बाहरी राज्यों से माल मंगाने पर फार्म-38 की आवश्यकता नहीं है। व्यापारी लगातार ई-वे बिल के बारे में लगातार पूछ रहे हैं। इस पर डिप्टी कमिश्नर का कहना है कि अभी जीएसटी काउंसिल ने इस पर रोक लगा रखी है।
विज्ञापन
विज्ञापन



हेल्प डेस्क का नंबर जारी
गोवर्धन रोड स्थित जीएसटी कार्यालय में प्रात: आठ बजे से रात्रि आठ बजे तक चल रही हेल्प डेस्क का फोन नंबर 0565-2425277 है। इस नंबर पर व्यापारी अपनी समस्याओं का समाधान कर सकते है। इसके अलावा हेल्प डेस्क पर व्यापारियों का निशुल्क डाटा अपलोड, आवेदन भी किया जा रहा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें