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उत्तर प्रदेश में फर्जी शिक्षकों पर बड़ी कार्रवाई, एसआईटी की जांच में दोषी 90 बर्खास्त

Tue, 15 Oct 2019 12:27 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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कासगंज में फर्जी शिक्षकों पर बड़ी कार्रवाई की गई है। एसआईटी की जांच में दोषी पाए गए 90 शिक्षकों को बर्खास्त करने के लिए आदेश दिए गए हैं। 
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कासगंज में 90 शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए भी आदेश जारी हुए हैं। इस खबर के बाद शिक्षकों में हड़कम्प मच गया है। बता दें कि डॉ भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से फर्जी तरीके से अंकतालिका प्राप्त करने वाले शिक्षकों पर आगरा, मथुरा और फिरोजाबाद में भी कार्रवाई हो चुकी है।

फर्जी शिक्षक प्रकरण में दो बाबू भी दोषी पाए गए थे। तत्कालीन डीएम के विजयेंद्र पांडियान ने एक बाबू को निलंबित कर दिया था जबकि पुलिस दोनों बाबुओं से पूछताछ कर रही थी। पुलिस ने इन बाबुओं को नोटिस दिए। यह कार्रवाई सिर्फ यहीं तक सिमट कर रह गई।
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सूत्रों का मानना है कि जो शिक्षक दोषी नहीं थे उन्होंने अपने सत्यापित कागजात दाखिल कर दिए। लेकिन, आरोपी दोषी शिक्षक सत्यापन कराने नहीं आए।

इसके बाद बीएसए द्वारा फर्जीवाड़ा करने वाले शिक्षकों की सूची तैयार कर उनका वेतन रोक दिया गया। सूची के आधार पर आगरा समेत मथुरा और फिरोजाबाद के शिक्षक बर्खास्त कर दिए गए। 

जनपद में शिक्षकों की नियुक्ति में कई बार फर्जीवाड़ा हुआ। वर्ष 2010 में छह शिक्षकों जबकि 2011 में 11 शिक्षकों की नियुक्ति फर्जी पाई गई। इसके बाद इन शिक्षकों की सेवाएं समाप्त कर दी गई।

एटा जनपद में भी फर्जी शिक्षकों का मामला चल रहा है। यहां सौ से अधिक फर्जी शिक्षकों पर जांच चल रही है। जिसका नतीजा कभी भी आ सकता है। अब कासगंज में 90 फर्जी शिक्षकों पर कार्रवाई के बाद अन्य जनपदों में भी कार्रवाई जल्द की जा सकती है।
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