न्यौली चीनी मिल के संसाधन पूरी तरह जवाब दे गए हैं। एक पखवाड़े में चौथी बार मिल में तकनीकि खामी आ गई है। फिलहाल चीनी मिल का चक्का थमा हुआ है। पेराई और खरीद का काम रुक जाने से गन्ना किसानों में आक्रोश पनप रहा है। मिल के इंजीनियर तकनीकि खामी दूर करने में जुटे हैं।
न्यौली चीनी मिल में नए पेराई सत्र के साथ ही तकनीकि खामी आ गई। उसके बाद कभी बॉयलर में समस्या हो रही है तो कभी टरबाइन खराब हो जाती है। मिल में बार बार खामी होने से मिल के बाहर गन्ने के वाहनों की लंबी कतारे लग जातीं हैं। एक पखवाड़े में चौथी बार मिल में तकनीकि खामी आई है। शुक्रवार को मिल का चक्का ठहर गया और पेराई रोक दी गई। जिससे गन्ने की खरीद भी प्रभावित हो गई। पेराई न होने के कारण सभी 28 गन्ना खरीद केंद्रों पर गन्ना नहीं खरीदा गया। जिससे गन्ना लेकर पहुंचे किसानों में आक्रोश दिखाई दिया। मिल की खामी से किसान काफी परेशान नजर आए। मिल के इंजीनियर दिन भर तकनीकि खामी दूर करने में जुटे रहे, लेकिन शाम तक सफलता नहीं मिल सकी। गन्ना विभाग के अफसर भी मिल में डेरा जमाए रहे।
किसानों का दर्द-
बार बार चीनी मिल का चक्का थम रहा है। जिससे पेराई प्रभावित हो रही है। किसान काफी परेशान हैं। यदि मिल व्यवस्थित रूप से नहीं चली तो आंदोलन करेंगे। श्यामवीर सिंह, मंडल उपाध्यक्ष भाकियू।
दूसरी बार ऐसा हुआ है कि गन्ना लेकर पहुंचे और खरीद का नंबर आते आते मिल का चक्का बंद हो गया। पिछली बार भी मिल के बाहर गन्ने का वजन सूखकर कम हो गया था। नाहर सिंह, दीपपुर।
- गन्ना किसानों की समस्या स्वाभाविक है। मिल में बार बार खामी आ रही है। प्रयास किया जा रहा है कि मिल में व्यवस्थित रूप से पेराई हो सके। ओमप्रकाश यादव, जिला गन्ना अधिकारी।