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3.42 प्रतिशत ही हो सकी धान की खरीद

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मड़िहान में मिल में रखा चावल।
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कासगंज। जनपद में सरकारी खरीद केंद्रों पर धान की खरीद की रफ्तार काफी धीमी है। बाजार में फसल की अच्छी कीमत मिलने से किसानों का रुझान सरकारी केंद्रों की ओर नहीं है। अभी तक मात्र 3.42 प्रतिशत धान की खरीद हो सकी है। सरकारी खरीद बढ़ाने के लिए विभागीय अधिकारी लगातार प्रयास कर रहे हैं।
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सरकार ने एक अक्तूबर से धान खरीद शुरू कराने का निर्णय लिया। हालांकि जनपद में धान की फसल विलंब से आती है। लगभग 25 दिन पहले फसल की आवक शुरू हुई है। सरकार से धान कॉमन का भाव 1750 रुपये क्विंटल और धान ग्रेड ए का भाव 1770 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। हालांकि जनपद में किसान ने इस बार ग्रेड ए के अंतर्गत आने वाली फसल की बुवाई अधिक की है। जनपद में बोए गए 14719 हेक्टेयर धान के रकबे में से 12650 हेक्टेयर में ग्रेड ए का धान बोया गया है। इस धान की कीमत बाजार में 2000 से 2300 रुपये प्रति क्विंटल तक है। ऐसे में किसानों का रुझान धान खरीद केंद्र की ओर न होकर मंडी की ओर है। इसका असर सरकारी खरीद पर पड़ रहा है। सरकारी खरीद के लिए निर्धारित 4650 मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष अभी तक मात्र 158.570 मीट्रिक टन धान की खरीद हो सकी है। अभी तक मात्र 48 किसानों ने ही अपना धान सरकारी केंद्रों पर लगाया है। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी विजय कुमार शुक्ला ने बताया कि बाजार में सरकारी भाव से अधिक दाम होने से किसान का रुझान सरकारी केंद्रों की ओर नहीं हो पा रहा, लेकिन विभागीय स्तर से लगातार प्रयास किए जा रहे है।
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