एटा। जिला पंचायत राज विभाग में दोषियों को बचाने का बड़ा खेल चल रहा है। विभाग में तैनात एक प्रभारी एडीओ पंचायत के खिलाफ वित्तीय अनियमितता में निलंबित होने के बाद भी अब तक कार्रवाई नहीं हो सकी है। जबकि निलंबित प्रभारी एडीओ पंचायत को पद पर नियुक्त करने वाले अधिकारी को डीएम ने कार्यमुक्त कर दिया।
दरअसल, डीएम आईपी पांडेय ने पिछले दिनों पूर्व में प्रभारी डीपीआरओ रहे धनंजय जायसवाल पर तमाम दोष सिद्ध करते हुए उनको पंचायती राज निदेशक कार्यालय के लिए कार्यमुक्त कर दिया। डीएम द्वारा जारी आदेश में प्रभारी डीपीआरओ धनंजय जायसवाल पर सेनेटरी नेपकिन उद्योग, कार्यशाला स्थापना और शौचालय निर्माण में वित्तीय अनियमितता करने वाले निलंबित ग्राम पंचायत अधिकारी मुजिम्मिल खान को एडीओ पद पर नियुक्त करने का दोषी सिद्घ किया गया था।
डीएम के आदेश के बाद प्रभारी डीपीआरओ धनंजय जायसवाल तो चले गए, लेकिन निलंबित प्रभारी एडीओ पंचायत अभी पद पर डटे हुए हैं। निलंबित प्रभारी एडीओ पंचायत मुजिम्मिल खान जलेसर में तैनात हैं, लेकिन अब तक डीएम और डीपीआरओ ने कोई कार्रवाई नहीं की है। वहीं डीपीआरओ डॉ. एसके श्रीवास्तव का कहना है कि पूर्व में प्रभारी डीपीआरओ रहे धनंजय जयसवाल ही प्रभारी एडीओ पंचायत को बहाल कर गए थे। मामले की जांच की जा रही है।