मांट (मथुरा)। थाना मांट क्षेत्र के गांव दरबै से लापता हुए रामवीर सिंह (50) दो साल आठ माह बाद हिमाचल प्रदेश के शिमला में मिले। वह वृंदावन के केशीघाट से लापता हो गए थे। उन्हें लेने के लिए परिजन शिमला रवाना हो गए हैं।
23 नवंबर 2015 को गांव दरबै निवासी रामवीर सिंह (50) पुत्र रेशम सिंह अपनी ताई के दाह संस्कार में गए थे। था। यहीं से वह लापता हो गए। उनके भाई रणवीर सिंह ने मांट थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस ने दो-चार दिन इधर-उधर खोज की और चुप बैठ गई।
दो दिन पूर्व शिमला से मांट पुलिस के पास फोन आया कि एक वृद्ध अपना नाम रामवीर सिंह और अपना पता गांव दरबै, थाना मांट बता रहा है। परिजनों को यह सूचना मिली तो वह खुश हो गए और दौड़ते हुए मांट थाने पहुंचे। शिमला से आए फोन पर बात कराई। फोन सेना की ओर से किया गया था। बताया कि सेना को गश्त के दौरान रामवीर सिंह जंगल में घूमते मिले थे। लापता वृद्ध के भाई रणवीर सिंह ने बताया वह अपने भाई को लेने शिमला जा रहे हैं।