मैनपुरी। विभिन्न बोर्डों से संचालित निजी स्कूलों में अब कालेज संचालकों की फीस निर्धारण के लिए मनमानी नहीं चल सकेगी। शासनादेश जारी होने के बाद डीआईओएस ने फीस निर्धारण मामले का प्रमुखता से लिया है। सभी कालेज संचालकों को इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं।
डीआईओएस जीएस राजपूत ने सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड से संचालित विद्यालयों के प्रधानाचार्य और प्रबंधकों को लिखे पत्र में कहा है कि वे उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित शुल्क निर्धारण अध्यादेश का पालन करें। यह अध्यादेश नौ अप्रैल 2018 को निर्धारित किया गया है। इसके अनुसार ही शुल्क का निर्धारण करें।
डीआईओएस ने समस्त वित्तविहीन, मान्यता प्राप्त उच्चतर माध्यमिक विद्यालय एवं इंटर कालेजों के प्रधानाचार्यों को भी निर्देश दिए हैं कि वे भी नौ अप्रैल को जारी अध्यादेश का पालन करें। डीआईओएस जीएस राजपूत ने स्पष्ट निर्देश दिए हं कि अध्यादेश की अवहेलना करने वालों पर कार्रवाई की भी व्यवस्था है। यदि इसका पालन नहीं किया गया तो संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।