मथुरा। नया शिक्षा सत्र शुरू हो गया लेकिन बाजार में किताबें ही नहीं आईं। ऐसे में इस बार माध्यमिक स्कूलों में सत्र शुरू होेने की महज औपचारिकताएं ही पूरी हो रही हैं।
मथुरा में सरकारी 29 इंटर कॉलेज हैं। वहीं, 93 वित्त पोषित और स्ववित्त पोषित कॉलेज हैं। इनमें करीब एक लाख छात्र कक्षा नौ, 10, 11 और 12वीं में पढ़ रहे हैं। सरकार ने एलान किया है कि इस सत्र से इन कक्षाओं के छात्रों को एनसीईआरटी की पुस्तकों से पढ़ाई कराई जाएगी।
मजेदार बात ये है कि सत्र शुरू हो गया है लेकिन बाजार में अभी तक किताबें ही नहीं आई हैं। ऐसे में जब किताबें ही नहीं है तो आखिरी नये सत्र में पढ़ाई किसकी कराई जाएगी। शिक्षक भी इस बात को लेकर परेशान हैं।
छात्र रवि ने बताया एनसीईआरटी की पुस्तकों से पढ़ाने की बात तो अच्छी है लेकिन अभी तक बाजार में उपलब्ध ही नहीं है। ऐसे में छात्र कहां जाएं। शिक्षक नेता ने कहा अयोध्या प्रसाद अग्रवाल ने कहा कि सरकार घोषणाएं तो कर देती है लेकिन उसका पालन भी समयबद्ध तरीके से कराना सुनिश्चित कराए।
‘इस सत्र में एनसीईआरटी की किताबों से पढ़ाया जाना है अभी बाजार में किताबें नहीं हैं लेकिन जल्द ही इनकी आपूर्ति हो जाएगी।’
डा. अरुण कुमार दुबे, जिला विद्यालय निरीक्षक मथुरा।