मैनपुरी (नीलेश शर्मा)। जिले में चिह्नित 37 भूमाफिया की जड़ें तलाशने के लिए प्रशासनिक अमला जुट चुका है। उनकी चल और अचल संपत्ति के साथ ही उनके नाम जारी किए गए शस्त्र लाइसेंस का ब्योरा भी जुटाया जा रहा है। बड़े स्तर पर कार्रवाई करने से पूर्व उनका आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है।
प्रदेश सरकार ने भूमाफिया के खिलाफ अभियान छेड़ा है। शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन की ओर से जिले में 37 भूमाफिया चिह्नित किए जा चुके हैं। भूमाफिया की अब कुंडली बनाए जाने का काम शुरू किया गया है। जिले के अफसर उनकी आय से अधिक अर्जित की गई संपत्ति के बारे में जानकारी जुटा रहे हैं। इसमें चल और अचल संपत्ति प्रमुख रूप से अधिकारियों के निशाने पर हैं। भूमाफिया के रूप में चिह्नित किए गए लोगों की एक दशक से पूर्व और वर्तमान स्थिति का तुलनात्मक विवरण भी संकलित करने को कहा गया है।
तीन स्तर पर हो रही जांच
चिह्नित भू माफिया की संपत्ति की तीन स्तर पर जांच की जा रही है। राजस्व विभाग, प्रशासनिक के अलावा खुफिया विभाग की टीमें उनके बारे में जानकारी जुटा रही हैं। उनका आपराधिक इतिहास तथा उनके और परिवारीजनों के नाम जारी किए गए शस्त्र लाइसेंसों की जानकारी के लिए पुलिस के साथ ही खुफिया विभाग को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
छह से अधिक जनप्रतिनिधि
प्रशासन द्वारा चिह्नित किए गए 37 भूमाफिया में आठ जनप्रतिनिधि की श्रेणी में शामिल हैं। सूत्रों की मानें तो इनमें पूर्व ब्लाक प्रमुख, पूर्व जिला पंचायत सदस्य, पूर्व विधायक तक शामिल हैं। सरकारी और गरीब लोगों की जमीन पर कब्जा करने की शिकायतें पुलिस और प्रशासन के अभिलेखों में दर्ज हैं। सत्ता के साथ रहकर जमीनों पर कब्जा करने के आरोप भी कई बार इन जन प्रतिनिधियों पर लगते रहे हैं।
आय से अधिक संपत्ति होगी जब्त
चिह्नित किए गए भूमाफिया की जांच के बाद उनके पास मिली आय से अधिक संपत्ति शासन के हक में जब्त होगी। उनके खिलाफ गुंडा और गैंगेस्टर एक्ट के तहत निरोधात्मक कार्रवाई करने की भी योजना है। उनके कब्जे की सरकारी और गरीबों की महंगी जमीनों को कब्जे से छुड़ाने के लिए अभियान चलाने की रणनीति भी बनाई गई है।
शासन के निर्देश के तहत भूमाफिया के खिलाफ साक्ष्य संकलित किए जा रहे हैं। साक्ष्य एकत्रित होने के बाद उनके खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे उनके अनुसार ही संबंधित के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज तक कराई जाएगी।
-बी राम, एडीएम