मैनपुरी। यूपी बोर्ड की प्रयोगात्मक परीक्षाएं जिले में 15 दिसंबर से शुरू हो चुकी हैं। इस दौरान कई स्कूलों में माध्यमिक शिक्षा परिषद के निर्देशों की अनदेखी की जा रही है। जनपद में 50 से अधिक कालेज ऐसे हैं, जहां बिना सीसीटीवी कैमरों के ही प्रयोगात्मक परीक्षा कराई जा रही है।
सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद ने प्रयोगात्मक परीक्षाओं के लिए निर्देश दिए थे कि ये परीक्षाएं भी सीसीटीवी कैमरों के बीच ही कराई जाएं। पर, जनपद में 50 से अधिक इंटर कालेज ऐसे हैं, जहां अभी तक सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए गए हैं। यहां बिना कैमरों के ही प्रयोगात्मक परीक्षाएं कराई जा रही हैं।
यही नहीं प्रयोगात्मक परीक्षाओं के दौरान देखने को मिल रहा है कि कुछ कालेजों के छात्रों को दूसरे कालेजों से संबद्ध कर दिया गया है। जिससे छात्र-छात्राओं को परेशानी भी हो रही है। नगर के एक कालेज के छात्रों को 16 किमी दूर दन्नाहार क्षेत्र में प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए संबद्ध किया गया है। दूसरी तरफ प्रयोगात्मक परीक्षाओं के दौरान अन्य खामियां भी देखने को मिल रही हैं।
15 दिसंबर से शुरू हुई प्रयोगात्मक परीक्षाओं के लिए कुछ कालेजों में अभी तक परीक्षक नहीं पहुंचे हैं। कुछ परीक्षकों ने बीमारी का बहाना बना लिया है, वे आना ही नहीं चाह रहे हैं। ऐसे में बोर्ड परीक्षार्थियों की परीक्षा एक निश्चित समय में कराना संभव नहीं है।
डीआईओएस जीएस राजपूत ने बताया कि सभी कालेजों के प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सीसीटीवी कैमरे की नजर में ही प्रयोगात्मक परीक्षाएं कराएं। जहां कैमरे नहीं हैं वहां मोबाइल से प्रयोगात्मक परीक्षा का वीडीओ बनाया जाए।