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मंदिरों के आसपास प्रचार पूरी तरह प्रतिबंधित

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डेमो - फोटो : डेमो
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मथुरा। अब मंदिरों के आसपास पचास मीटर की दूरी तक प्रचार का कोई होर्डिंग और बैनर नहीं लगाया जा सकेगा। नगर निगम द्वारा इस प्रकार की नियमावली तैयार की गई है। गजट होते ही मंदिरों के आसपास से ऐसे होर्डिंग-बैनरों को उखाड़ना शुरू हो जाएगा। यही कार्रवाई चौराहों के आसपास होगी।
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नगर पालिका से नगर निगम बनते ही प्रचार से संबंधित नई नियमावली तैयार की गई है। इसके तहत नगर निगम के अंतर्गत आने वाले प्रमुख मंदिर श्री कृष्ण जन्मस्थान, द्वारिकाधीश, ठाकुर बांके बिहारी जी के अलावा अन्य मंदिरों के पचास मीटर तक के दायरे में प्रचार के लिए होर्डिंग और बैनर नहीं लगाए जा सकेंगे। महानगर के प्रमुख चौराहों से पचास मीटर तक होर्डिंग बैनर नहीं लगाए जा सकेंगे। नगर निगम ने यह नियमावली शासन में गजट के लिए भेजी है। जल्द ही गजट होने के बाद इसको अमल में लाया जाएगा। इस नियमावली की भनक लगते ही उन विज्ञापन कंपनियोें में हड़कंप मच गया है जिनके विज्ञापनों के होर्डिंग चौराहों और मंदिरों के आसपास लगे हैं। नगर आयुक्त उज्जवल कुमार ने बताया कि शासन से नियमावली गजट होते ही मंदिरों और चौराहों पर लगे इस प्रकार के होर्डिंग को हटाने की कार्रवाई की जाएगी।

अब श्रेणी के अनुसार होगी होर्डिंग की कीमत
नगर पालिका द्वारा होर्डिंग लगाने की कीमत पांच हजार रुपये प्रतिवर्ग मीटर की वसूली जा रही थी लेकिन निगम की नई नियमावली के तहत स्थान के अनुसार श्रेणी तैयार कर दी गई हैं। इस श्रेणी के अनुसार सबसे कम महत्वपूर्ण स्थान पर भी एक हजार रुपये प्रतिवर्ग मीटर की कीमत प्रचार कर्ता को चुकानी होगी। इसके अलावा 1200 और 1500 रुपये प्रतिवर्ग मीटर की कीमत चुकानी होगी।
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