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कान्हा की नगरी में रही शबद कीर्तन की गूंज

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गुरु नानक देव की जयंती पर आयोजन। - फोटो : अमर उजाला
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मथुरा/वृंदावन। मथुरा में सिखों के प्रथम गुरु गुरुनानक देव की 548वीं जयंती पर शहर के गुरुद्वारे जगमगा उठे। समाज के लोगों ने इस उत्सव को प्रकाशोत्सव के रूप में मनाया। गुरुद्वारों में चल रहे अखंड पाठ के समापन के बाद श्रद्धालुओं ने विश्व शांति के लिये अरदास लगाई। गुरु के दरबार में सेवा और फिर लंगर छकने के लिए लगी रही। उधर, भगवान कृष्ण की क्रीड़ा भूमि श्रीधाम वृंदावन में भी गुरुनानक देव की जयंती प्रकाश उत्सव के रूप में मनाई गई। शनिवार को गुरुनानक टीला स्थित गुरुद्वारे पर धार्मिक कार्यक्रमों के साथ ही शबद कीर्तन का भव्य आयोजन हुए।  गुरु नानक देव की जयंती को लेकर दो दिन पूर्व से ही मथुरा आगरा रोड स्थित गुरुद्वारे में मुख्य गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा द्वारा अखंड पाठ किया जा रहा था। शनिवार को जयंती पर मुख्य ग्रंथी ज्ञानी अमरजीत सिंह ने अरदास पढ़ी।
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अरदास में विश्व शांति, समृद्धि व भाई चारे की कामना की गई। लंगर प्रसाद ग्रहण किया।
इस अवसर पर मुख्य गुरुद्वारा गुरू सिंह सभा के अध्यक्ष मलिक अरोड़ा, सेवा सिंह चावला, जोगिंदर सिंह, सतनाम सिंह, त्रिलोचन सिंह, नवीन खन्ना, कपिल अरोड़ा, हरपाल सिंह काले, इंद्रराज अरोड़ा, कुलदीप अरोड़ा, कमलेश अरोड़ा, राजेंद्र कौर, कुलदीप कौर का प्रमुख सहयोग रहा। मसानी रोड स्थित गुरुद्वारा में गुरुनानक जयंती पर आरएस कलसी, गुरुवचन सिंह के नेतृत्व में लंगर लगाया गया। कृष्णानगर स्थित गुरुद्वारा में परमजीत सिंह अरोड़ा के नेतृत्व में लंगर चलाया और प्रसाद बांटा। राधानगर स्थित गुरुद्वारा में गुरुनानक जयंती मनाई गई और रघुवीर सिंह ओबराय के नेतृत्व में लंगर प्रसाद बांटा गया। उधर, वृंदावन में ज्ञानी और संगत ने दिन भर शबद संकीर्तन कर गुरुनानक देव की पूजा-अर्चना की। गुरुद्वारे के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी भूप सिंह ने संगीत की धुन पर ज्ञान और भक्ति का मार्ग बताते हुए शबद कीर्तन कराया। इस अवसर पर भाई ब्रजेंद्र सिंह, सतनाम सिंह, जगन्नाथ पोद्दार, जय कृष्ण पोद्दार, रघुनंदन अरोड़ा ने सहभागिता की।
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