ब्लाक पर प्रदर्शन करते ग्रामीण
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मैनपुरी। विकास कार्यों में अनियमितता के कारण करहल की ग्रामसभा टिमरख के प्रधान के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार डीएम ने सीज कर दिए हैं। विकास कार्यों के संचालन के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी गई है। साथ ही एसडीएम को जांच अधिकारी नामित करके 15 दिन में विस्तृत जांच रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
ग्राम प्रधान टिमरख नजरश्री के खिलाफ ग्रामीणों द्वारा की गई शिकायत की प्रारंभिक जांच डीएम ने एसडीएम किशनी से कराई थी। जांच में टिमरख, उदयपुरा, देवपुरा में खड़ंजा, नाली का निर्माण मौके पर नहीं मिला। जबकि ग्राम पंचायत के खाते से खड़ंजा, नाली निर्माण के लिए 13,12,600 रुपये निकाले गए हैं।
वहीं जनेश्वर मिश्रा योजना के तहत स्वीकृत आठ लाइटों में से मौके पर एक भी नहीं मिली। एसडीएम ने प्रधान और पंचायत सचिव को संयुक्त रूप से वित्तीय अनियमितता का दोषी पाकर प्रधान के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारों पर रोक लगाने की संस्तुति की।
डीएम प्रदीप कुमार ने प्रधान के वित्तीय तथा प्रशासनिक अधिकारों पर रोक लगा दी है। ग्राम पंचायत के कार्यों के संचालन के लिए ग्राम पंचायत सदस्य धर्मेंद्र सिंह, दीपा और गीता देवी की समिति गठित कर दी है।