कासगंज। धान खरीद के लिए किसानों के पंजीकरण में रुचि न दिखाए जाने पर शासन ने किसानों को बड़ी राहत दी है। अब क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने वाले किसानों को धान खरीद के लिए अपना पंजीकरण नहीं कराना होगा। उनका पोर्टल से ही बैक अप ही ले लिया जाएगा।
शासन से धान खरीद के लिए ई-उपार्जन व्यवस्था के तहत किसानों को धान खरीद के लिए पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है। हालांकि किसानों ने रुचि नहीं दिखाई तो शासन ने राहत देते हुए पंजीकरण के समय खसरा, खतौनी, बैंक पास बुक, फोटो युक्त पहचान पत्र, किसान के फोटो अपलोड करने से छूट दे दी। इसके बावजूद किसानों ने पंजीकरण में रुचि नहीं ली। प्रदेश में मात्र 2830 किसानों ने ही पंजीकरण कराया। इनमें से जनपद में मात्र 10 किसानों ने ही अपना पंजीकरण कराया। ऐसे में अब शासन ने क्रय केंदेों पर गेहूं बेचने वाले किसानों को पंजीकरण से छूट दे दे दी है। ऐसे किसानों को अब पंजीकरण नहीं कराना पड़ेगा। गेहूं खरीद के दौरान पोर्टल पर तैयार डाटा के माध्यम से ही बैक अप ले लिया जाएगा। इसक आधार पर किसान अपना धान क्रय केंद्र पर बेच सकेंगे। शासन की छूट से क्रय केंद्र पर गेहूं बेचने वाले 1215 किसानों को लाभ मिलेगा।
क्रय केंद्र पर भी हो सकेगा पंजीकरण
कासगंज। धान खरीद के लिए शासन ने क्रय केंद्र पर भी पंजीकरण की व्यवस्था की है। जिन किसानों ने गेहूं खरीद के समय अपना पंजीकरण नहीं कराया वे भी अपना धान खरीद केंद्र पर बेच सकेंगे। ऐसे किसानों से केंद्र प्रभारी आवश्यक अभिलेख की छाया प्रति जमा करके पंजीकरण कर लेंगे।
धान खरीद का लाभ किसानों को देने के लिए शासन ने पंजीकरण व्यवस्था में राहत दी है। शासन से मिले दिशा निदेर्शों के आधार पर विभाग ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है।
जेया अहमद करीम खाद्य एवं विपणन अधिकारी