वृंदावन (मथुरा)। इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद गुरुवार को वृंदावन के यमुना खादर में बनी कालोनियों को जमींदोज कराने दल-बल के साथ पहुंचे अफसरों को लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। आक्रोशित पुरुष एवं महिलाओं ने बुल्डोजर पर ही हमला कर दिया। चालक की पिटाई भी की। भारी विरोध और लोगों के गुस्से के कारण अधिकारी सिर्फ एक बंद मकान की चहारदीवारी गिराकर ही लौट गए।
गुरुवार की दोपहर 12 बजे विकास प्राधिकरण के सचिव का कार्य देख रहे एडीएम वित्त एवं राजस्व रवींद्र कुमार प्राधिकरण के अन्य अधिकारियों, सिटी मजिस्ट्रेट बसंत कुमार, सीओ सदर विजय शंकर मिश्र और पुलिस फोर्स के साथ यमुना खादर में बसी श्याम कुटी तुलसी विहार कालोनी में ध्वस्तीकरण के लिए पहुंचे। खबर लगते ही सैंकड़ों की संख्या में लोग जमा हो गए। लोग किसी भी कीमत पर ध्वस्तीकरण न होने देने पर अड़ गए। लोगों ने रजिस्ट्री के साथ बिजली, सीवर और पानी के कनेक्शन देने के तर्क दिए। कहा कि खादर में बसे लोगों के आधारकार्ड, वोटर कार्ड सहित अन्य सरकारी कागजात बने हैं, फिर कैसे इन कालोनियों को अवैध कहा जा सकता है।
अधिकारी बार बार लोगों से अपनी ये दलीलें हाईकोर्ट में रखने की बात कहते रहे। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद अधिकारियों ने बुल्डोजर से ध्वस्तीकरण का आदेश दिया, तो वहां मौजूद महिलाओं ने बुल्डोजर को ही घेर लिया और गुस्साई भीड़ ने चालक की पिटाई भी कर दी। आखिरकार लोगों के गुस्से को देखते हुए अधिकारी बैकफुट पर आ गए। हाईकोर्ट में ध्वस्तीकरण की कार्यवाही को दिखाने के उद्देश्य से कालोनी के एक खाली प्लाट की चहारदीवारी के कोने को बुल्डोजर से तुड़वाकर ध्वस्तीकरण की रस्म पूरी की। एडीएम वित्त एवं राजस्व रवींद्र कुमार ने कहा कि 4 अगस्त को हाई कोर्ट में सुनवाई होनी है। कोर्ट के आदेश पर ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की गई है।
भूमाफिया, अफसरों की मिलीभगत हैं कालोनियां
वृंदावन। यमुना खादर में बसे हजारों लोग भूमाफियाओं के साथ प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत का खामियाजा भुगतने के लिए मजबूर हो गए हैं। यमुना खादर में पट्टे पर मिली जमीन भूमाफियाओं द्वारा प्लाट काटकर रजिस्ट्री के साथ पानी, सीवर, बिजली के कनेक्शन देकर अधिकारियों की मिलीभगत से इन कालोनियों को वैध होने के सारे प्रमाणपत्र दिए गए। अब यमुना डूब क्षेत्र में बनीं कालोनियां अवैध होने का दंश झेल रही हैं तो यहां के लोगों में कोहराम जैसे हालात हैं। मोरकुटी के महंत परमेश्वरदास त्यागी, साध्वी लक्ष्मी प्रिया पुरी, महिपाल ठाकुर, मीरा, राजू कुमार, कमला का कहना है कि हम जैसे लोगों को गुमराह करने वाले और हालातों को दुर्दशा की स्थिति में पहुंचाने वाले भूमाफियाओं और अधिकारियों के खिलाफ भी कार्यवाही होनी चाहिए। लोगाें ने कहा कि वह कोर्ट की शरण लेंगे।
हाईकोर्ट में आज होगी सुनवाई
वृंदावन। यमुना डूब क्षेत्र में अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने को लेकर आम जनता का विरोध झेल रहा प्रशासन 4 अगस्त को हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई में अब तक की गई अपनी कार्यवाही की दलील रखेगा। सूत्रों की मानें तो संभावना यही है कि लोगों के विरोध को ही प्रशासन ढाल की तरह अपने पक्ष में प्रयोग करने की तैयारी में है।