फिरोजाबाद। इस्लामिक सेंटर के सचिव आलम मुस्तफा याकूबी ने कहा कि निकाह इस्लाम में इबादत व एक एग्रीमेंट भी है। एग्रीमेंट आपसी सहमति से होता है। कुरआन भी यही कहता है जब आपस में कोई एग्रीमेंट करो तो लिख लिया करो। आपस में होने वाले झगड़ों को देखते हुए सरकार इसकी जरूरत को देखते हुए निकाह रजिस्ट्रेशन अनिवार्य करती है तो कर भी सकती है। मगर अगर कोई मुस्लिम पर्सनल ला के खिलाफ कोई चीज होती है तो विचार करेंगे।
लाभ के लिए पंजीकरण कराना ठीक:शाहनियाज
फिरोजाबाद। शहर काजी शाहनियाज अली ने कहा कि प्रदेश की सरकार यदि आवाम की भलाई के लिए यदि कोई सरकार काम कर रही है,निकाह रजिस्ट्रेशन कराने के साथ ही योजनाओं का लाभ मिलेगा तो कोई बुराई की बात नहीं है। लेकिन आवाम की हानि तो नहीं हो रही इसे भी देखा जाएगा। फिलहाल तो हम शासनादेश आने के बाद ही कुछ तय करेंगे।