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समायोजित शिक्षकों का सपना टूटा, सड़क तक गुस्सा फूटा

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जिला मुख्यालय पर धरना के दौरान नारेवाजी करते शिक्षामित्र - फोटो : अमर उजाला
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फिरोजाबाद।
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शिक्षामित्र से सहायक अध्यापक के पद हुआ समायोजन सुप्रीम कोर्ट द्वारा निरस्त करने से बेसिक शिक्षा विभाग में खलबली मच गई है। बुधवार को स्कूलों पर ताले लटकवा दिए। सड़क से लेकर कलेक्ट्रेट तक विरोध-प्रदर्शन होते रहे। सैकड़ों समायोजित सहायक अध्यापक और शिक्षा मित्रों ने जिला मुख्यालय को घेरकर प्रदर्शन किया। बीएसए दफ्तर में भी घेरा डाला। धरना दिया। सहायक अध्यापक के पद पर हुआ समायोजन जारी रखने को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन एडीएम न्यायिक ज्ञानेंद्र प्रसाद को दिया। जिले में डेढ़ हजार सहायक अध्यापकों का समायोजन रद होक गया है।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अपने भविष्य को लेकर चिंतित शिक्षा मित्र से सहायक अध्यापक के पद पर समायोजित शिक्षकों तथा सहायक अध्यापक के पद पर समायोजन की आस लगाए बैठे शिक्षा मित्र बुधवार को पढ़ाने नहीं गए। वह अपने विद्यालय की जगह धरना प्रदर्शन करने जिला मुख्यालय पहुंच गए। वहां दोपहर तक धरना प्रदर्शन चलता रहा। आदर्श समायोजित शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष श्रीओम यादव के नेतृत्व में जिला मुख्यालय पर एडीएम न्यायिक को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
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सरकार से मांग कि समायोजित शिक्षकों और शिक्षामित्रों का भविष्य देखते हुए राहत प्रदान की जाए। जिला मुख्यालय से बीएसए दफ्तर मार्च किया। बीएसए का घेराव किया। बीएसए सचिदानंद यादव ने शिक्षामित्रों को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। प्रदर्शन करने वालों में सुधीर यादव, जितेंद्र सिंह यादव, अजय यादव,धर्मेंद्र कुशवाह, आदेश यादव, चंद्रभान सिंह वर्मा, साहूकार वर्मा, धर्मेंद्र, सुनीता सहित लोग शामिल रहे।



- शिक्षामित्रों ने शिक्षा के गिरे हुए स्तर को ऊंचा उठाया है। कोर्ट को गुमराह किया गया है। इसलिए सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला लिया है।
श्रीओम यादव, जिलाध्यक्ष
आदर्श समायोजित शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन

प्रदेश में 1.78 लाख लोगों के आगे रोजी-रोटी का संकट आ गया है। उनके अरमान पर पानी फिर गया है। सरकार से मांग है कि शिक्षामित्रों को राहत प्रदान करे।
जाकिर अली, समायोजित सहायक अध्यापक
प्राथमिक विद्यालय कटरा कन्या


- शिक्षामित्र मित्र तीन हजार रुपये पर वर्षों से कार्य करते आ रहे हैं। तब उनकी देखने वाला कोई नहीं था। शिक्षामित्रों के आगे फिर संकट के बादल छा गए हैं। शिक्षामित्रों का संघर्ष जारी रहेगा।
नागेंद्र सिंह, जिलाध्यक्ष
उत्तर प्रदेश दूरस्थ्य बीटीसी शिक्षक संघ


- वर्षों से मामूली रुपये में पढ़ा रहे हैं। समायोजन को निरस्त करने से हमें दुख पहुंचा है। समझ नहीं आ रहा कि आखिर अब क्या करेंगे। सरकार ही शिक्षामित्रों का कोई इंतजाम करे।
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ज्योति जादौन, समायोजित सहायक अध्यापक
1673 का सहायक अध्यापक के पद पर हुआ समायोजन निरस्त


अखिलेश सरकार में शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक पद पर समायोजित किया था। जिले में दो चरणों में करीब 1673 शिक्षामित्रों का सहायक अध्यापक के पद पर समायोजन किया गया था। तीसरे चरण में 329 शिक्षामित्रों को समायोजित किया जाता उससे पहले 12 सितंबर 2015 को हाईकोर्ट ने सहायक अध्यापक के पद पर हुआ समायोजन निरस्त कर दिया था। हाईकोर्ट के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट में चला गया।
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