फिरोजाबाद। हाइकोर्ट के आदेश के बावजूद पुराने पंपचालकों को कार्य पर वापस न लेने पर हाईकोर्ट ने नगर निगम के खिलाफ अवमानना नोटिस जारी कर दिया है।
पालिका बोर्ड में शासन से ग्रांट कटौती के बाद ठेके पर तैनात पंपचालकाें को बिना वेतन बाहर का रास्ता दिखा दिया था। पंपचालकाें ने अपने हक के लिए श्रम न्यायालय की शरण ली। श्रम न्यायालय ने पंपचालकों के हक में फैसला दिया तो नगर निगम हाईकोर्ट चला गया। हाईकोर्ट ने निर्देश दिए थे कि सभी पंपचालकों को बकाया वेतन भुगतान के साथ नए पंपचालकों को हटाकर पुरानों को काम पर रखा जाए। आदेश के बाद भी किसी पंप चालक को कार्य पर वापस नहीं रखा गया।
हाईकोर्ट के आदेश का पालन न होने पर विशभनूकांत पचौरी ने पुन: हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने निगम के खिलाफ अवमानना नोटिस जारी कर दिया है। नगर निगम को एक माह के अंदर आदेश का पालन करते हुए हाईकोर्ट में शपथ पत्र दाखिल करने के आदेश दिए हैं। पंपचालकों का कहना है कि नगर निगम में तैनात अफसर व कर्मचारी मनमाने रूप से कार्य कर रहे हैं। हाइकोर्ट के आदेश के बावजूद आजतक हमें काम पर वापस नहीं लिया जा रहा।