जिलाधिकारी कार्यालय शिकायत करने पहुंचे मजदूर।
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मजदूर का पसीना सूखने से पहले उसकी मजदूरी मिल जानी चाहिए, यह बात बेमानी साबित हो रही है। डौकी क्षेत्र में बिचौलिया प्रधान आलू खुदाई के लिए रेलवे स्टेशन के फुटपाथ से उठाए गए जबलपुर (मध्य प्रदेश) के 80 मजदूरों के नौ दिन की कमाई डकार गया। हक मांगा तो मजदूरों को मौत की धमकी मिली। मंगलवार को पीड़ित मजदूरों ने परिवार सहित जिलाधिकारी कार्यालय पर करीब डेढ़ घंटे तक प्रदर्शन और हंगामा किया।
जिलाधिकारी अरविंद कुमार बंगारी से मजदूर महिलाओं ने अपना दर्द बताया। शिकायतकर्ता संतोष, मालक लोनी और पुनीत ने बताया कि थाना डौकी की ग्राम पंचायत वाजिदपुर के प्रधान छोटेलाल ने उन्हें 500 रुपये प्रतिदिन की दर पर आलू खुदाई और भराई के लिए बुलाया था। मजदूरों के मुताबिक, वे आगरा कैंट रेलवे स्टेशन के बाहर डेरा डाले हुए थे और घर लौटने की तैयारी में थे, तभी प्रधान ने उन्हें ज्यादा मजदूरी का झांसा देकर फंसा लिया।
खेतों में कराई मेहनत, पर नीयत में खोट
आरोप है कि 80 मजदूरों ने नौ दिनों तक प्रधान और क्षेत्र के किसान श्रीप्रकाश, सौरभ व देवेंद्र के खेतों में धूल और तेज धूप के बीच हाड़-तोड़ मेहनत की। काम पूरा होने के बाद बिचौलिये प्रधान ने नौ दिन की मेहनत के बदले 80 मजदूरों को खाने-पीने के नाम पर महज 82 हजार रुपये थमा दिए। उनका करीब 2.50 लाख रुपये बकाया है। प्रदर्शन करने वालों में सुभद्रा, दीपिका, बेबी बाई, उधा बाई, कमला और श्रीराम प्रमुख रूप से शामिल रहे।
ज्यादा बोलोगे तो पीटकर भगा देंगे
हमें घर जाना है, बीमार माता-पिता का इलाज कराना है, लेकिन जेब में एक रुपया भी नहीं है। जब प्रधान के पास गए तो उसने साफ कह दिया कि तुम बाहरी हो, यहां हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा। जो देना था दे दिया, ज्यादा बोलोगे तो पीटकर भगा देंगे। - संतोष, पीड़ित मजदूर
जांच के निर्देश दिए
एसडीएम और थानाध्यक्ष डौकी को तत्काल जांच के निर्देश दिए गए हैं। श्रम विभाग से भी इस मामले की रिपोर्ट मांगी जाएगी। पीड़ित मजदूरों की शिकायत का हर हाल में समाधान कराया जाएगा और उनका हक दिलाया जाएगा। - अरविंद कुमार बंगारी, जिलाधिकारी