कासगंज। भरगैन नगर के पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष सहित 8 अपराधियों को गुंडा एक्ट के तहत जिलाधिकारी कोर्ट से जिला बदर किया गया है। कोर्ट से जारी इस आदेश को पटियाली थाने की पुलिस ने मुनादी कराकर सभी को अवगत कराया। पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष सहित सभी आठ अपराधियों का पुलिस ने गुंडा एक्ट में चालान किया था। सुनवाई के बाद डीएम कोर्ट ने पुलिस के आरोपों को सही पाते हुए सभी आरोपियों को दोषी पाया और छह माह के लिए जिला बदर करने का आदेश जारी किया। आदेश से लोगों को अवगत कराने के लिए पटियाली थाने की पुलिस ने मुनादी कराई और आरोपियों के घर आदेश की प्रति चस्पा की। एसपी सौरभ दीक्षित ने बताया कि जिला बदर किए गए अपराधियों में पूर्व चेयरमैन अहमद नफीस उर्फ कालिया एवं उनके दो पुत्र आरिफ हुसैन एवं अहमद हुसैन निवासी मोहल्ला हसन थोक भरगैन हैं। इसके अलावा नाजिम एवं आरिफ निवासी मोहल्ला हसन थोक, मैहनुल, इकरार एवं जाहिद खान निवासी गड्डाया भरगैन हैं। एसपी ने बताया कि शासन के आदेश पर माफियाओं और गुंडों के खिलाफ चलाए गए अभियान के दौरान पुलिस ने सभी का गुंडा एक्ट में चालान किया था। पुलिस द्वारा प्रेषित रिपोर्ट का परीक्षण करने के बाद जिलाधिकारी ने सभी आरोपियों को जिलाबदर करने का आदेश जारी किया। डीएम के इस आदेश को क्रियान्वित करने का कार्य पटियाली पुलिस कर रही हैं। जिला बदर की अवधि के दौरान कोई भी अपराधी यदि जिले में पाया गया तो पुलिस उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी।
कासगंज। नगर पंचायत भरगैन के पूर्व चेयरमैन व उनके परिजनों की सौ करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त की जा चुकी है। भरगैन कस्बे में दो गुटों में फायरिंग की घटना के बाद पूर्व चेयरमैन व उनके परिजनों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ। पूर्व चेयरमैन व उनके पुत्रों पर फायरिंग करने का आरोप था। पुलिस ने उन्हें जेल भी भेजा। भरगैन कस्बे में पुलिस की कार्रवाई को लेकर लगातार लोगों के बीच चर्चाएं हैं।