गांव तरौली स्थित स्वामी बाबा गोशाला में बारिश व शेरगढ़ रजबहा की पटरी टूटने से पानी भर गया। गोशाला में पांच फीट की ऊंचाई में पानी भरने से आठ गोवंश डूब कर मर गए। वहीं, 15 से अधिक गाय-बछड़े बीमार हो गए हैं। इनका उपचार चल रहा है। पानी भरने से सैकड़ों क्विंटल भूसा भीग गया है। इससे गायों के लिए चारे की समस्या पैदा हो गयी है। अकबरपुर गोशाला के संचालक संत मदनमोहन महाराज ने रविवार को गोशाला पहुंच कर बीमार गायों को दवा आदि दिलाई।
गांव तरौली स्थित स्वामी बाबा मंदिर पर संत बल्लभदास के निर्देशन में स्वामी बाबा गोशाला संचालित है। गोशाला में 300 से अधिक गाय हैं। उन्होंने बताया कि दो दिन पूर्व गायों को चारा खिला कर रात को दूसरे बाड़े में बांध दिया गया। यह बाड़ा थोड़ी निचली जमीन पर बना है। रात में तेज बारिश आने और शेरगढ़ रजबहा की पटरी टूटने से बाड़े में पांच-पांच फीट पानी भर गया। गायें रंभाने लगीं। गायों की आवाज सुन कर गोशाला पर सो रहे लोग जाग गए। उन्होंने गांव वालों को फोन कर बुला लिया।
ग्रामीणों ने गायों को जैसे-तैसे पानी से निकाला। इस दौरान आठ गाय पानी में डूब कर मर गईं। 15 से अधिक गाय बीमार हो गईं हैं। भीगने से बीमार गायों की संख्या बढ़ रही है।100 क्विंटल से अधिक भूसा भीग कर खराब हो गया है। इससे गायों के लिए चारे की समस्या पैदा हो गई है। अकबरपुर गोपाल जी गोशाला के संत मदन मोहन दास ने तरौली पहुंच बीमार गायों को दवा आदि कराई। इस दौरान गोशाला पर भूपेश कुमार, महेंद्र सिंह, विजय सिंह, गिर्राज आदि उपस्थित थे। गोशाला संचालक बल्लभदास ने गो भक्तों से गायों की चारे आदि की व्यवस्था की अपील की है।