आगरा जोन में कानून व्यवस्था पटरी से उतर चुकी है। बेखौफ अपराधियों के सामने पुलिस लाचार दिखाई देती है। अपराधियों का दुस्साहस इतना बढ़ चुका है कि वर्दीवाले भी सुरक्षित नहीं रह गए हैं। पिछले 60 घंटे में अपराधियों ने दो पुलिसकर्मियों को मौत के घाट उतार दिया। लूट, डकैती, छिनैती और हत्या की घटनाएं बढ़ गई हैं। ऐसा कोई इलाका नहीं, जहां वारदात नहीं होती। शोहदों ने आधी आबादी का जीना मुश्किल कर दिया है। अपराधों की समीक्षा करने आए डीजीपी जावीद अहमद के सामने अपराध का ग्राफ कम करने के साथ ही अफसरों का ढर्रा बदलने की बड़ी चुनौती है।
एक सिपाही को गोली मारी, दूसरे को ट्रैक्टर से रौंदा
शमसाबाद थाने में तैनात सिपाही अजय यादव की पांच अप्रैल को तीन बदमाशों ने थाने से चंद कदम की दूरी पर गोली मारकर हत्या कर दी थी। दुस्साहसिक घटना का आगरा पुलिस अभी तक खुलासा करना तो दूर बदमाशों की पहचान तक नहीं हो सकी है। एक मुखबिर को लेकर ही पुलिस इधर-उधर घूम रही है। दूसरी घटना फिरोजाबाद में हुई। शनिवार तड़के मिट्टी का अवैध रूप से खनन करके ले जा रहे ट्रैक्टर ट्राली को रोकना यूपी 100 के कांस्टेबल रवि रावत को भारी पड़ गया। चालक ने रवि पर ट्रैक्टर चढ़ा दिया। सिपाही की आगरा में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। डीजीपी घायल सिपाही को देखने अस्पताल पहुंचे मगर खनन माफिया पर कार्रवाई के सवाल पर चुप्पी साध गए। मथुरा के गांव गोवर्धन में दो दिन पहले दौसेरस गांव में टटलुओं को पकड़ने गई पुलिस पर बदमाशों ने फायरिंग कर दी थी।
हैंडीक्राफ्ट कारोबारी के घर में घुसकर डकैती, पुलिस बेसुराग
थाना हरीपर्वत के लता कुंज में 26 मार्च को हैंडीक्राफ्ट कारोबारी सत्येंद्र शर्मा के घर में हथियारबंद आठ बदमाशों ने घुसकर डाका डाला था। बदमाशों ने कारोबारी और उनकी पत्नी के हाथ-पैर और मुंह बांध दिए थे। पांच लाख के जेवर और नकदी लूट ले गए थे। दंपति को कमरे में बंद करके बदमाश भाग गए थे। इस घटना का आज तक खुलासा नहीं हो सका है। इस घटना की गूंज लखनऊ तक गई थी। तब यह हाल है। इससे पहले विभव नगर में कालेज संचालक के घर में लूटपाट की गई थी। हालांकि पुलिस ने इस घटना का खुलासा किया था। कुछ दिन पहले शाहदरा में एक ट्रांसपोर्ट कंपनी में घुसकर बदमाशों ने लूट की।
व्यापारी सुरक्षित नहीं, भरे बाजार में गोली मारकर हत्या
19 मार्च को थाना न्यू आगरा के कमला नगर में चांदनी चौक रोड पर चांदी पायल कारोबारी रामकुमार अग्रवाल (40) की बदमाशों ने हत्या कर दी थी। बदमाश चौकी के पास से भागकर चले गए थे। इस घटना के बाद व्यापारियों ने हंगामा किया था। बाजार बंद कर विरोध जताया था। हालांकि हत्याकांड में सराफ का भाई का हाथ निकला था। कालिंदी विहार में एक हास्पिटल संचालक को बाइक सवार गोली मारकर फरार हो गए थे। इसमें एक भी आरोपी नहीं पकड़ा गया।
महंत की बेटी से अभद्रता करने वालों का नहीं चला पता
27 मार्च को वृंदावन के श्री रंगजी मंदिर के महंत की बेटी और दामाद पर शाहगंज में हमला बोला गया था। बाइक सवारों ने उनकी कार पर शराब की बोतल फेंककर मारी थी। इस मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद भी आज तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
पुलिस की लापरवाही से हुए बवाल
लोहामंडी के खाती पाड़ा में पुलिस की लापरवाही से बवाल हुआ था। मंदिर का गेट खुलवाने को लेकर लोग पुलिस से भिड़ गए थे। बाद में मंदिर का गेट तोड़ दिया था। पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। इससे पहले नामनेर भी हंगामा हुआ था। थाना न्यू आगरा के रोशन बाग में दो पक्षों में पथराव और फायरिंग भी हुई थी। पुलिस के सामने मारपीट हुई थी। इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई। पांच अप्रैल को ताजगंज के गोबर चौकी में दो संप्रदाय के लोगों के बीच बवाल। पुलिस के पहुंचने पर बलवाई फरार।
शहर में कहर बरपा रहा बाइकर्स गैंग
बाइकर्स गैंग शहर में लगातार कहर बरपा रहा है। 25 मार्च को हरीपर्वत क्षेत्र में एमपी के भाजपा नेता से चेन लूट हुई। 30 मार्च को खेरागढ़ के महुआखेड़ा में बदमाशोें ने खेत पर सो रहे किसान और उसकी पत्नी को बंधक बना फसल और ट्रैक्टर ट्राली लूटी। एक अप्रैल को थाना नाई की मंडी के सामने दो बाइक सवारों ने कार पंक्चर करके कार से 5.5 लाख से भरा बैग उड़ा लिया था। यह सिलसिला यही नहीं रुका। दो अप्रैल को आगरा-जयपुर हाईवे पर लेदर पार्क के समीप बाइकर्स गैंग ने किराना व्यापारी से 50 हजार और मोबाइल लूट लिया। तीन अप्रैल को शाहदरा में ट्रांसपोर्ट कंपनी में घुसकर दो बदमाशों ने कर्मचारी को बंधक बनाकर 70 हजार रुपये लूटे लिए।