वृंदावन (मथुरा)। सोमवार सुबह 7:45 बजे जैसे ही बांकेबिहारी मंदिर के पट खुले तभी अपने आराध्य को सुगंधित पुष्पों के मध्य विराजमान देख विभिन्न राज्यों से आए भक्त अभिभूत नजर आए। मंदिर प्रांगण में बांकेबिहारी का जयघोष गुंजायमान हो रहा था।
दोपहर 12 बजे भक्तों की कतार खत्म होने का नाम नहीं ले रही थी। शाम को शयनभोग आरती में भी भीड़ का यही आलम दिखाई दिया। सोमवार को चैत्र एकादशी से बांकेबिहारी मंदिर में फूल बंगला बनने की शुरूआत हो गई। पहले दिन रायबेल, कदम, चमेली, गुलाब, गेंदा आदि के फूलों से कारीगरों ने आकर्षक फूल बंगला तैयार किया था।
सुबह 7:55 बजे शृंगार की आरती हुई, इसके बाद 11:55 पर राजभोग की आरती के भी भक्त साक्षी बने। वहीं शाम को पुन: 5:30 बजे दर्शन खुले। भक्तों ने रात 9:25 बजे तक अपने आराध्य को रंग-बिरंगे व सुगंधित फूलों के मध्य निहारा। मान्यता है कि ब्रज में ठाकुर जी की सेवा बाल रूप में की जाती है। अपने आराध्य को गर्मी से बचाने के लिए ही इन फूल बंगलों का आयोजन किया जाता है। वहीं सनेह बिहारी मंदिर में भी फूल बंगला सजाया गया।