मैनपुरी। जिला अस्पताल में डॉक्टरों की कमी मरीजों के लिए दिक्कत बन रही है। जिला अस्पताल में नेत्ररोग विशेषज्ञ की तैनाती न होने के कारण नेत्र रोगियों को परेशानी से जूझना पड़ रहा है। मजबूरी में मरीजों को निजी डॉक्टरों के यहां उपचार लेना पड़ रहा है। जिला अस्पताल के नेत्र रोग विभाग में मरीजों की देख-रेख नेत्र परीक्षक अवधेश पाल के हवाले हैं। यहां डॉक्टर की तैनाती न होने के कारण नेत्र परीक्षण के बाद मरीजों को रेफर कर दिया जाता है। विभाग द्वारा सीएमओ के अंडर में कार्यरत डॉ. एपी सिंह को यहां अटैच किया गया है लेकिन वे जब कभी ही यहां मरीजों को देखने के लिए आते हैं। नेत्र परीक्षण के बाद मरीजों को भर्ती कर लिया जाता है, लेकिन डॉक्टर के न पहुंचने के कारण मरीज निराश ही घर लौट जाते हैं। कभी-कभी डॉक्टर पहुंच जाते हैं तो मरीजों को ऑपरेशन आदि का लाभ मिल जाता है।
छह मरीज थे भर्ती, 2:30 बजे तक नहीं पहुंचे डॉक्टर
मैनपुरी। गुरुवार को जिला अस्पताल के नेत्र वार्ड में छह मरीज भर्ती थे। नेत्र परीक्षक ने बताया कि डॉक्टर साहब के आने की संभावना है। यदि नहीं आए तो मरीजों को वापस भेजना पड़ेगा। यहां मौजूद मरीज रामभरोसे लाल ने बताया कि वह तीन दिन से डॉक्टर को दिखाने के लिए चक्कर काट रहा है, लेकिन डॉक्टर नहीं मिल पा रहे हैं।
डॉक्टरों की कमी चल रही है। नेत्र रोग विशेषज्ञ के लिए कई बार लिखा गया है, लेकिन उपलब्ध नहीं हो सका है, जो व्यवस्था है उससे काम चलाया जा रहा है। मरीजों की नियमित जांच कराई जा रही है। सीएमओ के अंडर में तैनात डॉक्टर जब आते हैं तब ऑपरेशन का भी मरीजों को लाभ दिया जा रहा है।
डॉ. आरके सागर सीएमएस