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सुहागनगरी के असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को मिलेगा पेंशन लाभ

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फिरोजाबाद। केंद्र सरकार ने बजट में असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले दो लाख श्रमिकों में साठ वर्ष की आयु पूरी करने वालों को तीन हजार रुपया पेंशन देने का प्रावधान किया है।

हालांकि इस फैसले से श्रमिक नेता बहुत अधिक खुश तो नहीं दिखे। बोले श्रमिकों का हक दलाल खा जाते हैं। 80 हजार के करीब श्रमिक पंजीकृत हैं।


कांच उद्योग के लिए विश्व विख्यात सुहागनगरी के श्रमिकों को मोदी सरकार के अंतरिम बजट में कुछ राहत देने का ही फैसला लिया है।असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले दो लाख के करीब श्रमिकों में साठ वर्ष की आयु पूरी करने वालों को
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प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन पेंशन योजना के तहत पेंशन को देने का फैेसला लिया है। परंतु श्रमिकों को सौ रुपया हर माह जमा कराना होगा।

इसके साथ ही 21 हजार से कम ही वेतन पाने वालों को सात हजार रुपया का बोनस दिए जाने का प्रावधान किया है। इस पेंशन योजना से असंगठित क्षेत्र के मजदूरों की स्थिति में सुधार हो सकेगा। हालांकि श्रमिक नेता इससे सहमत नहीं हैं।

कांच उद्योग क्रांतिकारी मजदूर संघ के जिला महासचिव भूरी सिंह यादव ने कहा कि असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को इस पेंशन योजना का लाभ नहीं मिलेगा। क्योंकि दलालों के कारण उनको लाभ नहीं होता। रजिस्टर नं. 12 पर हाजिरी तक नहीं लिखी जाती।

चूड़ी जुड़ाई मजदूर संघ के मंत्री सोमेश गोस्वामी ने कहा कि श्रमिकों से लिए कुछ तो सोचा। लेकिन अधिकारी इसे पूरी ईमानदारी से लाभ दिलाएं तभी मजदूर मजबूत होगा। इस ओर शासन को ध्यान देना चाहिए।

चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष प्रेम प्रकाश कुशवाह ने कहा कि पांच लाख तक की आय वालों को ही कोई टैक्स नहीं देने का प्रावधान करके छोटे वर्ग को बड़ी ही राहत देने का काम किया है। पुरानी

उत्तर प्रदेश ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष मुलायम सिंह ने कहा बजट में कर्मचारियों की पुरानी पेंशन की बहाली के संबंध में कोई प्रावधान नही किया गया है। कर्मचारियों के लिए बजट बहुत अधिक लाभकारी नहीं है।
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कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महासचिव धर्म सिंह यादव एडवोकेट ने कहा कि केंद्र सरकार के बजट में किसानों के साथ छलावा किया है। उन्होनें कहा कि किसानों को खाद व बीज में कोई सब्सिडी नहीं दी गई।किसानों को गुमराह करने का काम किया है।
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