कासगंज। किसानों के त्वरित गन्ना भुगतान की योजना जिला प्रशासन ने तैयार कर ली है। गन्ना खरीद के बाद चीनी मिल द्वारा तैयार की जाने वाली चीनी राजस्व और गन्ना विभाग के कब्जे में रहेगी। डीएम ने चीनी मिल से रखरखाव का अधिकार छीन लिया है। चीनी के भंडारण पर मिल में राजस्व और गन्ना विभाग को अलग से गोदाम आवंटित होगा। वहीं विभाग ने पुराने पेराई सत्र की चीनी भी काफी हद तक बिक्री कर दी है।
न्यौली चीनी मिल पर गन्ना किसानों का 37 करोड़ रुपये का भुगतान बकाया था। सरकार की पहल पर वर्ष के अंतिम महीने में किसानों के चेहरे खिल उठे और सरकार द्वारा स्वीकृत 34.62 करोड़ रुपये से किसानों के बकाये का भुगतान हुआ। वहीं चीनी मिल में भंडारित 65 हजार क्विंटल चीनी को प्रशासन ने कब्जे में लेकर बिक्री कराई। लगभग 50 हजार क्विंटल चीनी बेच दी गई है।
किसानों के हित में जिला प्रशासन ने एक और नई पहल की है। न्यौली चीनी मिल में गन्ना पेराई के बाद तैयार होने वाली चीनी राजस्व और गन्ना विभाग के कब्जे में रहेगी। डीएम आरपी सिंह ने चीनी मिल से अधिकार हटाते हुए राजस्व और गन्ना विभाग को अधिकार दिया गया है। इसके बाद गन्ना विभाग पेराई से तैयार होने वाली चीनी की निगरानी भी कर रहा है।