मैनपुरी। समस्याओं का निस्तारण नहीं होने पर बुधवार को विकास भवन में किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। इस दौरान उन्होंने मांगों को लेकर प्रदर्शन किया साथ ही किसान दिवस में आए अधिकारियों को सभागार का गेट रोक।
उन्हें अंदर जाने से रोक दिया। किसान तृतीय बुधवार को आयोजित होने वाले किसान दिवस में भाग लेने आए थे। किसानों का कहना था कि उनकी कई समस्याएं लंबे समय से लंबित पड़ी हुई हैं।
उनका कोई भी समाधान नहीं किया जा रहा है। संबंधित विभाग में शिकायत लेकर जाते हैं तो अधिकारी और कर्मचारी सीधे मुंह बात नहीं करते हैं। किसान राया ठाकुर का कहना था कि बिजली विभाग की ओर से किसानों को ठगा जा रहा है।
किसानों का बिल बढ़ाकर भेजा जाता है। धान की रोपाई चल रही है कि लेकिन इसके बाद भी पर्याप्त बिजली नहीं दी जा रही है। फसल की रोपाई प्रभावित हो रही है।
किसानों ने बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता को बुलाने की मांग की। लेकिन वह जिले से बाहर होने के कारण नहीं आ सके। एक घंटे के बाद अन्य अधिकारियों के द्वारा समझाने के बाद किसान माने और किसान दिवस का आयोजन किया गया।
घिरोर तहसील के मौजा हिम्मतपुर हड़ाई के गांव नगला घना निवासी रामपाल सिंह ने एसबीआई से 74 हजार रुपये का ऋण लिया था। लेकिन बैंक कर्मचारियों ने सिर्फ 50 हजार रुपये ही ऋण दिया।
पात्रता की श्रेणी में आने के बाद भी ऋण माफ नहीं किया गया। हद तो तब हो गई जब पासबुक में 50 हजार की एंट्री होने के बाद बैंक ने 74 हजार रुपये ऋण का अंतिम नोटिस जारी कर दिया गया।
किसानों का कहना था कि उन्होंने भोगांव उपमंडी में पंजाब की कंपनी को तीन लाख रुपये का आलू बेचा था। दुकानदार तीन लाख रुपया लेकर दुकान बंद कर भाग गया।
इसकी रिपोर्ट भी थाने में दर्ज कराई। लेकिन इसके बाद भी आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। किसानों का कहना था कि डीएम ने किसान दिवस में दो बार से अधिक शिकायतें देने वाले किसानों पर कार्रवाई की बात कही है।