कासगंज। पुनरीक्षित राष्ट्रीय क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम को निजी चिकित्सक पलीता लगा रहे है। चिकित्सक क्षय रोगियों की समय से सूचना उपलब्ध नहीं कराने पर 17 चिकित्सकों को चेतवानी दी गई है।
जिला क्षयरोग अधिकारी डॉ. एस पी सिंह ने कहा कि शासन ने 2025 तक क्षयरोग मुक्त भारत बनाने के लिए पुनरीक्षित राष्ट्रीय क्षयरोग अभियान शुरू किया गया है। अभियान के तहत सरकारी क्षेत्र के अलावा निजी क्षेत्र के चिकित्सक, लैब, नर्सिंग होम , मेडिकल स्टोर आदि को प्रतिमाह निर्धारित तिथि तक क्षयरोगियों के संबध मेें विभाग को सूचना उपलब्ध कराना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि जनपद के 17 चिकित्सक, नर्सिंग होम, लैबों ने आज तक कोई सूचना उपलब्ध नहीं कराई है। इनको चेतावनी दी गई है। उन्होंने बताया यदि किसी निजी क्षेत्र के चिकित्सक द्वारा क्षयरोग की जांच, उपचार आदि किया जाता है और वह सूचना नहीं देता है तो इसके लिए प्राथिमिकी दर्ज का प्रावधान तक है। चेतावनी के बाद भी सूचना उपलब्ध नहीं कराने पर चिकित्सकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि आशा, एएनएम आदि अपने क्षेत्र के किसी व्यक्ति में टीबी के लक्षण महसूस करें तो उनकी जांच कराएं। दो सप्ताह से अधिक खांसी रहना, बुखार आदि क्षयरोग के प्रमुख लक्षण है। क्षयरोगी को निशुल्क चिकित्सा सुविधा के साथ ही 500 रुपये प्रतिमाह की आर्थिक मदद भी दी जाती है। बैठक में डीपीसी धर्मेंद्र यादव, जिला पीपीएम कोऑर्डिनेटर शाद मोहसिन ने भी जानकारी दी। इस अवसर पर एसटीएस अनुज मिश्रा, सौरव जौहरी पंकज यादव, पंकज गुप्ता, संतोष कुमार, शिवरतन, दीनानाथ, एएसटीएलएस राजीव पचौरी, भगवान सिंह, साजिद अली, फार्मासिस्ट धर्मेंद्र उपाध्याय, डीपीटीसी हेमेंद्र कुमार आदि उपस्थित रहे।