मथुरा। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण ने आबादी क्षेत्र में बाइब्रेटर संघ को फिलहाल कोई राहत नहीं दी है। मथुरा शहरी क्षेत्र में बाइब्रेटरों का संचालन अभी बंद ही रहेगा। हालांकि बाइब्रेटर संघ की पुनर्विचार याचिका पर जिला प्रशासन से एक सप्ताह में अपना पक्ष रखने को कहा गया है।
गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी और कांतानाथ चतुर्वेदी की जनहित याचिका पर शुक्रवार को राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण में सुनवाई हुई। इस दौरान बाइब्रेटर संघ की पुनर्विचार याचिका पर भी बहस की गई। इसमें बाइब्रेटर संघ ने एनजीटी से अपने पूर्व आदेश पर फिर से विचार करने की अपील की है। इसमें उन्होंने यह भी कहा है कि शहर में बाइब्रेटरों का संचालन पिछले 20 सालों से हो रहा है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के तय मानकों का पालन किया जा रहा है।
याची के अधिवक्ता ने विरोध जताया। यहां तक कहा कि एनजीटी के आदेश के बाद जिन इकाईयों के बिजली और पानी के कनेक्शन काटे गए हैं, उनमें से अनेक का संचालन रात्रि के दौरान अवैध रूप से किया जा रहा है। दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस के बाद एनजीटी ने जिला प्रशासन सेे इस विषय पर एक सप्ताह में अपना पक्ष रखने को कहा है। याची के अधिवक्ता राहुल कुमार ने बताया कि अब अगली सुनवाई 18 मई को होगी। बंद कराई इकाईयों के संचालन की अनुमति नहीं दी गई है।