मैनपुरी। करहल चौराहा निवासी एक बिल्डर को हैसियत प्रमाणपत्र जारी न करने के मामले में हाईकोर्ट ने डीएम मैनपुरी से जवाब मांगा है। डीएम को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने के आदेश दिए गए हैं। अधिवक्ता के माध्यम से बिल्डर की ओर से दायर की गई याचिका पर मंगलवार को उक्त आदेश हाईकोर्ट ने जारी किया है।
करहल चौराहा स्थित कृष्णा बिल्डर्स और अन्य ने डीएम मैनपुरी द्वारा रजिस्ट्रेशन के लिए हैसियत प्रमाणपत्र जारी न करने के बाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता रजनीश त्रिपाठी के माध्यम से याचिका दायर की थी। इसमें कहा था कि वर्ष 2017 में उन्होंने एक साइड का काम लेने के लिए पीडब्ल्यूडी में आवेदन किया था। पंजीकरण के लिए उन्होंने हैसियत प्रमाणपत्र जारी किए जाने के लिए डीएम के समक्ष हैसियत प्रमाणपत्र जारी करने का आवेदन किया, लेकिन उन्हें हैसियत प्रमाणपत्र जारी नहीं किया गया।
शैलेंद्र यादव की ओर से दायर की गई यात्रिका पर सुनवाई करने के बाद मंगलवार को हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए डीएम प्रदीप कुमार को 22 मार्च को कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने के आदेश दिए हैं। साथ ही वाद से जुड़े सभी दस्तावेज आदि के साथ अपना पक्ष रखने को कहा है।