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समितियां तो की गठित, लेकिन बैठक एक भी नहीं

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अजगरा विधानसभा क्षेत्र में एक संपर्क मार्ग की यह तस्वीर बता रही विकास की हकीकत।
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एटा।
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केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार गांवों के विकास पर जोर दे रही हैं, लेकिन जिले में ग्राम पंचायतों में विकास कार्य ठप पड़े हैं। जिले की ग्राम पंचायतों में बनाई गईं 3456 समितियां निष्क्रिय हो गई हैं। बैठक नहीं होने से गांवों में विकास की रफ्तार धीमी पड़ गई है।
ग्राम स्तर पर छह समितियां गठित होती हैं। गांव में चलने वाली ये सरकार ग्राम पंचायत के विकास और उसकी जरूरतों को खोजती हैं। साथ ही इसके मुताबिक विकास कार्य कराए जाते हैं और लोगों को जागरूक किया जाता है, मगर जिले में समितियां निष्क्रिय हो चुकी हैं। जिले की तमाम ग्राम पंचायतों ने अब तक समितियों की बैठक की रिपोर्ट पंचायती राज कार्यालय को नहीं दी। साथ ही ग्राम पंचायत सदस्यों को अधिकारों की जानकारी नहीं है। आलम यह है कि ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव मनमाने तरीके से प्रस्ताव बनाकर कार्य करा दिया जाता है। ग्राम पंचायत सदस्य अपने ही लोगों को बनाकर केवल हस्ताक्षर करा लिए जाते हैं। विभाग भी समितियों की बैठक और गठन को लेकर कोई पहल नहीं करता। ऐसे में समितियां निष्क्रिय होती जा रही हैं। गांव छितौनी के मुकेश कहते हैं कि ग्राम पंचायत समितियों का वजूद खत्म होता जा रहा है। ऐसे में गांव में विकास कार्य ठप पडे़ हैं। सर्वेंद्र, उमेश, राजपाल, सोमादेवी का कहना है कि पंचायतीराज की व्यवस्था में समितियों का गठन और कार्य पूरी तरह से समाप्त हो गए हैं।
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ये गठित होती हैं समितियां
निर्माण कार्य समिति
शिक्षा विकास समिति
नियोजन एवं विकास समिति
स्वास्थ्य एवं कल्याण समिति
जल प्रबंधन व्यवस्था समिति
प्रशासनिक व्यवस्था समिति
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जिले में 3456 समितियां गठित
जिले की 576 ग्राम पंचायतों में 3456 समितियां गठित हैं। हर ग्राम पंचायत में छह समितियां होती हैं। गांव में समितियों के नाम तक ग्राम पंचायत सदस्यों को पता नहीं हैं।

प्रधान और सदस्यों के समान अधिकार
ग्राम पंचायत की नियोजन विकास, शिक्षा विकास और प्रशासन व्यवस्था समिति में प्रधान अध्यक्ष होते हैं, तो निर्माण कार्य, स्वास्थ्य कल्याण और जल प्रबंधन में ग्राम पंचायत सदस्यों में अध्यक्ष चुने जाते हैं। ग्राम पंचायत सदस्य भी आबादी के हिसाब से चुने जाते हैं। 1000 की आबादी पर नौ, 2000 की आबादी पर 11, 3000 की आबादी पर 13 और 3000 से ऊपर आबादी पर 15 सदस्य होते हैं।
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ग्राम पंचायतों में गठित समितियों को सक्रिय किया जा रहा है। इसके लिए सचिवों और प्रधानों को निर्देश दिए गए हैं। कुछ गांवों में समितियां ही कार्य करा भी रही हैं।
धनंजय जायसवाल, डीपीआरओ

576 ग्राम पंचायतें हैं जिले में
883 राजस्व गांव हैं जिले में
3456 समितियों का किया गया गठन
08 ब्लॉक हैं जिले मेें
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