मथुरा। किसानों ने बजट को खेती के लिए लाभकारी बताया है। किसान नेताओं का कहना है कि अगर सरकार किसान आयोग का गठन कर देती तो बेहतर रहता। सरकार ने जो दावा किया है कि किसानों को लागत का डेढ़ गुना मिलेगा तो उससे किसानों की स्थिति बेहतर होगी।
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष बुद्धा सिंह प्रधान ने कहा कि स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को पूरी तरह से लागू कर दिया जाना चाहिए था। किसानों की आर्थिक स्थिति की निगरानी के लिए किसान आयोग का गठन हो। हालांकि सरकार ने जो लागत से डेढ़ गुना मूल्य की व्यवस्था बजट में की है वह खेती के लिए लाभकारी साबित होगी। सर्वदलीय किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष रामबाबू सिंह कटेलिया का कहना है कि बजट किसानों के हित में है। फूड पार्क बन जाने से इतना होगा कि जो अभी तक आलू और टमाटर फिंकते थे वह नहीं फिकेंगे। किसानों को उनकी उपज का मूल्य मिल जाएगा।
किसान यूनियन के मंडल उपाध्यक्ष गजेंद्र सिंह परिहार का कहना है कि किसानों को सिंचाई के लिए साधन और खेती में तकनीक को बढ़ावा देने की भी बात करनी चाहिए थी। मंडियों की व्यवस्था बेहद खराब है। सरकार को उन्हें भी सही करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बजट किसानों के हित में है।
नगला तेजा निवासी पूरन सिंह का कहना है कि फसलों का समर्थन मूल्य घोषित होने से किसानों को लाभ होगा।
सरकार जब उपज की खरीद कराएगी तो बिचौलियों की जो प्रथा है वह भी खत्म हो जाएगी। सिहोरा गांव के डा. ओमवीर सिंह राणा का कहना है कि इस बजट से खेती को बढ़ावा मिलेगा। लगातार होने वाले नुकसान के चलते जो किसान खेती से मुंह मोड़ रहे थे वह भी जुड़ जाएंगे। बलदेव के गांव अकोस के सतेंद्र सिंह का कहना है कि इस बजट से किसानों की स्थिति सुधर जाएगी।