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बैंडबाजा, बारात पर आदेश की बंदिशें

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बारात में नृत्य करती महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
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एटा। वसंत पंचमी पर शादियों का सीजन शुरू हो गया है। हालांकि अब बैंड, बाजा और बारात पर कोर्ट के आदेश का साया मंडरा रहा है। कोर्ट द्वारा लाउडस्पीकरों के प्रयोग की पाबंदी के बाद विवाह आयोजक और बैंड वादक परेशान हैं। बैंड वादक अनुमति के लिए तहसील के चक्कर काट रहे हैं। वहीं प्रशासन की ओर से निर्धारित मानकों के पालन का निर्देश देकर अनुमति दी जा रही है।
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विगत दिनों हाइकोर्ट ने जिला प्रशासन को लाउड स्पीकरों के प्रयोग पर पाबंदी लगाने के निर्देश दिए थे। मंदिर, मस्जिदों पर लाउडस्पीकरों पर रोक लगाने और अनुमति के बाद बजाने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब नई दिक्कत बारातों पर है। दरअसल, बारातों का आयोजन भी बिना अनुमति नहीं हो सकेगा। ऐसे में प्रशासन के पास बैंड वादक पहुंचने लगे हैं। जिले की एटा और जलेसर तहसील में अनुमति के लिए आवेदन की प्रक्रिया चल रही है और अनुमति दी भी जा रही है। हालांकि अलीगंज में बैंड वादकों को हाईकोर्ट के निर्देश का संज्ञान नहीं है। ऐसे में यहां हाइकोर्ट के आदेश की धज्जियां उड़ना तय है।
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प्रशासन के पास नहीं है ध्वनि मापक यंत्र
बारातों और लाउडस्पीकरों से होने वाले ध्वनि प्रदूषण को मापने के लिए प्रशासन के पास ध्वनि मापक यंत्र नहीं है। अब बारात के बाद चाहे लाउडस्पीकर की आवाज निर्धारित मानक से अधिक भी हो, लेकिन कार्रवाई करना संभव नहीं हो सकेगा।
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हाइकोर्ट के निर्णय को लेकर प्रशासन से अनुमति ले रहे हैं। बारात बुक कराने वालों को अनुमति लेने के लिए कह रहे हैं।
मुकद्दर हुसैन, जनता बैंड
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आदेश को लेकर 10 बजे तक बारातें कर रहे हैं। अनुमति लेने का काम पार्टी का होता है। इसके बाद ही बारात करते हैं।
कासिम, कैलाश बैंड
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हाइकोर्ट के आदेश के तहत अनुमति पार्टी को लेनी है। हम 10 बजे के बाद बैंड नहीं बजाएंगे। आदेश का पालन करेंगे।
मुन्ना, पंजाब बैंड
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हाइकोर्ट के आदेश को लेकर अनुमतियां दी जा रही हैं। बारातों पर पूरी नजर रहेगी। निर्धारित मात्रा से अधिक शोर पर कार्रवाई होगी।
ब्रजेश कुमार सिंह, एसडीएम सदर
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आंकड़े
30 बारातों की गई है अनुमतियां
75 डेसिबल से अधिक नहीं होना चाहिए शोर
60 से ज्यादा बैंड वादक हैं जिले में
15 जनवरी से लगी है लाउडस्पीकर पर रोक
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