कासगंज। अलीगढ़ मंडल के कमिश्नर सुभाष चंद्र शर्मा ने कहा कि सोरों सूकर क्षेत्र प्राचीन तीर्थस्थल है। यह भगवान वराह की पावन तीर्थ नगरी है। भगवान वराह ने यहां हृण्याक्ष राक्षस का वध करके मनुष्य को सत्य पथ पर चले का संदेश दिया था। कमिश्नर ने गंगा तट पर पूजा-अर्चना करके मार्गशीर्ष मेले का शुभारंभ किया।
जिलाधिकारी आरपी सिंह ने कहा कि सोरों तीर्थस्थल प्रचीन है। भगवान वराह की इस धरती पर संत तुलसीदास एवं साध्वी रत्नावली व अन्य विभूतियों ने जन्म लिया। उन्होंने कहा कि तीर्थनगरी का विकास कराया जाएगा। एसपी सुनील कुमार सिंह ने मेला मार्गशीर्ष के शुभारंभ पर शुभकामनाएं देते हुए मेले के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रहने की जानकारी दी। उद्घाटन से पूर्व विद्वान आचार्यों ने मां गंगा का दुग्धाभिषेक कराया। गंगा लहरी का पाठ संपन्न हुआ। कमिश्नर ने मां गंगा की आरती उतारी। उद्घाटन के मौके पर हरिपदी गंगा का नजारा भी अद्भुत था। पूरा गंगा तट सतरंगी रोशनी से झिलमिलाया हुआ था। नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी संतराम सरोज ने अतिथियों का स्वागत किया एवं आभार जताया। संचालन डा. राधाकृष्ण दीक्षित ने किया। विधायक सदर देवेंद्र राजपूत, सीडीओ श्रीनिवास मिश्र, मेला मजिस्ट्रेट देवेंद्र प्रताप सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष पूर्णेंद्र सोलंकी, उपेंद्र मिश्रा, सुरेश चंद्र पटियात, संपूर्णानंद भारद्वाज, आदित्य काकोरिया, रामेश्वर दयाल महेरे, श्रीकांत तिवारी आदि मौजूद रहे। उद्घाटन के साथ ही मेला मार्गशीर्ष की रौनक बढने लगी है।
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मेले के मुख्य स्नान पर्व
- मार्गशीर्ष एकादशी प्रथम स्नान- 30 नवंबर
- मार्गशीर्ष द्वादशी स्नान- 1 दिसबंर
- नागा साधुओं का शाही स्नान- 2 दिसंबर
- पूर्णिमा स्नान पर्व- 3 दिसबंर
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सुरक्षा के प्रबंध निर्धारित
सोरों। मेला मार्गशीर्ष में सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए हैं। मेले में सुरक्षा के लिए पुलिस चौकी स्थापित की गई है। वॉच टावर एवं सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। स्नान पर्वों पर भीड़ को देखते हुए रिवर यूनिट की भी तैनाती की गई है।