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लाखों के बकाए पर अस्पताल की बिजली काटी

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मैनपुरी। बकाया वसूली के लिए बिजली विभाग द्वारा चलाए गए अभियान के तहत शनिवार विभाग ने जिला अस्पताल की बिजली काट दी। बिजली कटते ही अस्पताल में अंधेरा छा गया। इमर्जेंसी और विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीज अंधेरे में परेशान हुए। अस्पताल प्रशासन ने मरीजों और तीमारदारों की परेशानी को देखते हुए जनरेटर चलाकर वैकल्पिक व्यवस्था की।
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बिजली विभाग के कई सरकारी विभाग बड़े बकाएदार हैं। आम तौर पर शासन से बजट मिलने के बाद ही विभागों द्वारा बिजली विभाग का बकाया बिल जमा किया जाता है। बिजली विभाग जब बकायादारी वसूलने के लिए अभियान चलाता है तो सूची बनाकर कर्मचारियों को दे दी जाती है।

बड़े बकाएदारों के कनेक्शन काटने के निर्देश मिलने के बाद कर्मचारी सूची के आधार पर कनेक्शन काटना शुरू कर देते हैं। जिला अस्पताल का बिजली विभाग पर लाखो रुपया बकाया चल रहा है। शासन के निर्देश पर बिजली विभाग बकायादारी वसूल करने के लिए अभियान चला रहा है। विभाग द्वारा बड़े बकायादारों की सूची बनाकर कर्मचारियों को सौंप दी गई है। संबंधित सर्किल के कर्मचारी सूची के आधार पर कनेक्शन काट रहे हैं।
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शनिवार की सायं बिजली विभाग के कर्मचारियों ने जिला अस्पताल पहुंचकर कनेक्शन काट दिया। कनेक्शन कटते ही अस्पताल परिसर में अंधेरा छा गया। जिसके चलते जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल, 100 शैय्या मातृ एवं शिशु अस्पताल के इमर्जेंसी और विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीज और तीमारदार सहित अस्पताल के कर्मचारी शुरू में तो ये समझे कि बिजली चली गई है बाद में उनको कनेक्शन काटने की जानकारी हुई।

कनेक्शन कटते ही इमर्जेंसी और वार्ड में भर्ती मरीज सहित तीमारदार जब परेशान होने लगे तो अस्पताल प्रशासन ने जनरेटर चलाकर वैकल्पिक व्यवस्था की। लगभग दो घंटे तक मरीज और तीमारदार अंधरे में परेशान रहे। अधिशासी अभियंता शहरी क्षेत्र एससी शर्मा का कहना है कि शासन द्वारा बकाया वसूली के कड़े निर्देश दिए गए हैं। निर्देशों के तहत ही बकायादारों के कनेक्शन काटे जा रहे हैं।

जिला अस्पताल का अगर कनेक्शन काटा गया है तो उसे शीघ्र ही जुडवा दिया जाएगा। कनेक्शन काटने की जानकारी उनको नहीं है। वहीं सीएमएस डा.आरके सागर का कहना है कि शासन से बजट मिलने के बाद ही बिजली विभाग का बिल जमा किया जाता है। बजट के अभाव में बिल बकाया हो जाता है।
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