मथुरा। सरकारी स्कूलाें में फल वितरण करने वाली संस्था के कर्मचारी इसका गोलमाल कर रहे हैं। सोमवार को डायट प्राचार्य ने गांव अड़ूकी में एक कर्मचारी को रंगे हाथ पकड़ लिया जो फलों को एक घर में दे रहा था। अन्य स्कूलों से भी बच्चों की संख्या के लिहाज से कम फल आने की शिकायतें आई हैं।
सोमवार को प्राइमरी के 173 स्कूलों में राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वे चल रहा था। इसी सर्वे के निरीक्षण के लिए डायट प्राचार्य डॉ. मुकेश अग्रवाल अड़ूकी के द्वितीय प्राइमरी विद्यालय पहुंचे। यहां स्कूलों में फल वितरित करने वाली संस्था का कर्मचारी रवि दीक्षित फल स्कूल में देने के बजाय एक घर में दे रहा था। इधर स्कूल के शिक्षकों ने छात्रों की संख्या के हिसाब से कम फल आने की बात कही। इसी के साथ प्राइमरी स्कूल डायट से भी कम फल आने की शिकायत मिली। इस पर प्राचार्य डॉ. अग्रवाल ने उक्त कर्मी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की संस्तुति की है।
सर्वे में शामिल हुए तीन हजार छात्र-छात्राएं
भारत सरकार द्वारा कराए गए राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण में मथुरा के 173 स्कूलों के कक्षा तीन से आठ तक के तीन हजार से अधिक छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। इसमें शैक्षिक वातावरण, शिक्षा की गुणवत्ता, शिक्षकों की स्किल के बारे में पता किया जाना था।