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शेरगढ़ रजबहा में अवैध बंध लगाकर रोका जा रहा पानी

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प्रतीकात्मक चित्र - फोटो : demo
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चौमुंहा (मथुरा) शेरगढ़ रजबहा में अवैध बंध लगाकर पानी रोके जाने से टेल के किसान पानी को तरह गए हैं। शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिध इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। एक नवंबर से गेहूं की बुवाई का समय शुरू होगा। किसानों को चिंता सता रही है कि पिछले वर्ष की भांति इस बार भी टेल तक पानी न आया तो वे खेतों का पलेवा कैसे करेंगे। बारिश न होने और रजबहा में पानी न आने से चौमुंहा, सिहाना, अकबरपुर, तरौली, पिल्होरा, आझई, जैंत, छटीकरा, बाटी, सकना, मौरा, मघेरा, भरतिया, तेहरा, कोटा, छरौरा आदि गांवों के किसान खरीफ की फसल से हाथ धो बैठे हैं। अब रबी की फसल की भी चिंता सताने लगी है। किसान सभा के जिला मंत्री द्वारिकाधीश यादव, देशराज सिंह सिसौदिया, जसपाल सिंंह, सहदेव दरोगा, पिल्होरा के लक्ष्मीनारायण सिंह, अशोक कुमार, विनोद कुमार वार्ष्णेय आदि का कहना है कि शेरगढ़ रजबहा में नाजायज तरीके से लाड़पुर, पैगांव, बरचाबली आदि स्थानों पर बंध लगा रखे हैं। इससे पानी आगे नहीं जा पाता। टेल के किसान बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं। किसानों ने डीएम से शीघ्र रजबहा की सफाई-खोदाई कराने, नाजायज लगे बंधों को तोड़ने की मांग की है।
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